टिमरलगा में ‘तेजस स्टार्टअप कार्यशाला’ संपन्न: स्थानीय नवाचार और उद्यमिता से मजबूत होगा आत्मनिर्भर भारत

सारंगढ़-बिलाईगढ़

दिनांक: 17 जुलाई 2026

सारंगढ़-बिलाईगढ़। भारत सरकार के डीपीआईआईटी (DPIIT), भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII) अहमदाबाद, एवं जिला व्यापार व उद्योग केन्द्र सारंगढ़-बिलाईगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में ‘तेजस स्टार्टअप कार्यशाला’ का शानदार आयोजन किया गया। ग्राम टिमरलगा स्थित एक निजी होटल में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों में नवाचार व स्वरोजगार को बढ़ावा देना रहा।

कलेक्टर और जिला पंचायत अध्यक्ष ने किया शुभारंभ

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू एवं जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस कार्यशाला में स्टार्टअप छत्तीसगढ़ की ओर से प्रीति खण्डेलवाल, ईडीआईआई के अरविंद द्विवेदी, अग्रणी बैंक अधिकारी सी.एस. ठाकुर सहित विभिन्न उद्योग संगठनों, एफपीओ (FPO) एवं स्व-सहायता समूहों के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने पारंपरिक स्वरोजगार को दिया आधुनिक स्वरूप: संजय भूषण पाण्डेय

कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय ने कहा कि भारत में उद्यमिता की परंपरा सदियों पुरानी है। पहले लोग मिट्टी, लकड़ी, हस्तशिल्प एवं स्थानीय संसाधनों से उत्पाद बनाकर स्वरोजगार करते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी परंपरा को आधुनिक स्वरूप देते हुए ‘स्टार्टअप इंडिया’ के माध्यम से युवाओं और नवाचार को एक नई पहचान दी है।

उन्होंने आगे कहा:

“देश का विकास केवल बड़े उद्योगों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे उद्यमों, ग्रामीण उद्योगों, महिला स्व-सहायता समूहों और स्थानीय नवाचारों से होता है। जब गांव की माताएं-बहनें और युवा अपने उत्पादों को बाजार से जोड़ेंगे, तब आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।”

उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अधिक से अधिक संख्या में स्टार्टअप एवं सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर रोजगार सृजन करने का आह्वान किया।

विशेषज्ञों ने दिए स्टार्टअप और फंडिंग के गुर

कार्यशाला के दौरान आए हुए विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को स्टार्टअप पंजीयन (Registration), फंडिंग, सरकारी सहायता योजनाओं एवं नवाचार आधारित व्यवसायों की विस्तृत व तकनीकी जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने उपस्थित युवाओं को अपने आइडियाज को एक सफल बिजनेस मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

पैकेजिंग और ऑनलाइन मार्केटिंग पर कलेक्टर का जोर

कार्यक्रम में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने विशेष रूप से ‘बिहान’ योजना के तहत काम कर रहे महिला स्व-सहायता समूहों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने महिलाओं को अपने उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग करने तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से बिक्री बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि उनके उत्पादों को बड़ा बाजार मिल सके।

मुख्य संदेश:

“आत्मनिर्भर भारत का मार्ग गांव-गांव में विकसित हो रहे नवाचार, उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण से होकर गुजरता है।”संजय भूषण पाण्डेय

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