रमेश गुप्ता भिलाई । सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, नशाखोरी, गुंडागर्दी और भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए छह लोगों को चिन्हित कर तलब किया है। इनमें चार नाबालिग और दो वयस्क शामिल हैं। पुलिस ने आपत्तिजनक पोस्ट हटवाने के साथ दो वयस्कों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई भी की है।
दुर्ग पुलिस की साइबर सेल द्वारा इंस्टाग्राम, फेसबुक एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी दौरान ऐसे कई अकाउंट चिन्हित किए गए, जिनमें लड़ाई-झगड़े, मारपीट, हथियारों का प्रदर्शन, नशाखोरी और समाज में भय का माहौल बनाने वाले वीडियो एवं पोस्ट साझा किए जा रहे थे। पुलिस ने ऐसे छह व्यक्तियों को तलब कर उनके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच की।

जांच में पाया गया कि कुछ युवक सोशल मीडिया पर स्वयं को “किंग”, “डॉन”, “गैंगस्टर” जैसे नामों से प्रस्तुत कर हथियारों और असामाजिक गतिविधियों से जुड़े वीडियो पोस्ट कर रहे थे। पुलिस ने ऐसे सभी विवादित पोस्ट तत्काल हटवाए और संबंधित व्यक्तियों को कड़ी चेतावनी दी।
चार नाबालिगों की पहचान होने पर उनके परिजनों को थाना बुलाकर समझाइश दी गई। साथ ही सोशल मीडिया के दुरुपयोग से होने वाले कानूनी, सामाजिक एवं व्यक्तिगत दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। नाबालिगों को आगे काउंसलिंग के लिए भी भेजा जा रहा है।
पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर की गई एक भड़काऊ पोस्ट भी सामाजिक तनाव, आपसी विवाद और कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न कर सकती है। नाबालिगों एवं उनके अभिभावकों ने भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने का आश्वासन दिया है।
वहीं दो वयस्क व्यक्तियों के मोबाइल फोन की जांच में भी आपत्तिजनक एवं भड़काऊ सामग्री मिलने पर उनके विरुद्ध थाना छावनी में प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। इस मामले में पुलिस ने कुलदीप सिंह (23 वर्ष), निवासी सेक्टर-11, थाना छावनी
दुर्गेश सोनी (21 वर्ष), निवासी प्रगति नगर, कैंप-1, थाना छावनी हिरासत में लिया है l
……………………………….
पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें। लाइक, फॉलोअर्स और लोकप्रियता की चाह में कई युवा ऐसे वीडियो और पोस्ट साझा कर देते हैं, जो कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर लड़ाई-झगड़े, गुंडागर्दी, नशाखोरी, हथियारों के प्रदर्शन, सांप्रदायिक या जातीय भावना भड़काने वाली सामग्री तथा समाज में भय और अशांति फैलाने वाले पोस्ट करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।