बलरामपुर-रामानुजगंज। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ कुसमी विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोपातू में पदस्थ शिक्षक धन सिंह राम को शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शिक्षक के खिलाफ जशपुर जिले में एक गंभीर आपराधिक मामला दर्ज हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इस गिरफ्तारी और गंभीर आरोपों को शासकीय सेवा की गरिमा के बिल्कुल विपरीत मानते हुए संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा (सरगुजा संभाग, अंबिकापुर) ने निलंबन का कड़ा आदेश जारी किया है।
जशपुर के दुलदुला थाने में दर्ज है गंभीर मामला
मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षक धन सिंह राम के खिलाफ जशपुर जिले के दुलदुला थाने में अपराध क्रमांक 25/2026 के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(2)(n) और बीएनएस (BNS) की धारा 69 के अंतर्गत दुष्कर्म का आरोप है। मामला दर्ज होने के बाद दुलदुला थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को सलाखों के पीछे भेज दिया था। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद से ही शिक्षक वर्तमान में जेल में बंद है।
सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन पर गिरी गाज
शिक्षा विभाग ने अपने आधिकारिक आदेश में साफ तौर पर इस बात का उल्लेख किया है कि शिक्षक धन सिंह राम का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का खुला और स्पष्ट उल्लंघन है। इसी गंभीर आचरणहीनता को आधार बनाते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत यह बड़ी कार्रवाई की गई है। इस निलंबन आदेश के बाद से पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप का माहौल है।
शंकरगढ़ कार्यालय रहेगा नया मुख्यालय, मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता
विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक, निलंबन की इस पूरी अवधि के दौरान धन सिंह राम का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय शंकरगढ़ तय किया गया है। निलंबन के नियमों के तहत उन्हें इस अवधि में नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ते की ही पात्रता होगी। वे बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ पाएंगे। स्थानीय स्तर पर एक शिक्षक के ऐसे संगीन मामले में फंसने और जेल जाने को लेकर इलाके के लोगों और अभिभावकों के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।