नई दिल्ली: अंतरिम बजट पेश होने से ठीक पहले घरेलू वस्तु बाजार में सोना और चांदी के भावों में तेज गिरावट देखी जा रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोना और चांदी के वायदा सौदे लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में दबाव में हैं। इस गिरावट के साथ ही संबंधित ईटीएफ और मेटल सेक्टर के शेयरों में भी भारी बिकवाली हो रही है।
एमसीएक्स पर सोना अप्रैल अनुबंध में करीब 6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी मार्च अनुबंध में 2.65 लाख से 2.70 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई है। पिछले कुछ सत्रों में सोने में 9 प्रतिशत से अधिक और चांदी में 26 हजार रुपये से ज्यादा की कमी आई है। शुक्रवार को चांदी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से 1.28 लाख रुपये तक सस्ती हो गई थी, जबकि सोना 31 हजार रुपये से अधिक टूटा था।
इस गिरावट का असर सोना और चांदी से जुड़े ईटीएफ पर भी पड़ा है। निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ और निप्पॉन इंडिया गोल्ड ईटीएफ सहित कई ईटीएफ में 11 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है और कुछ में लोअर सर्किट भी लगा है। निवेशक बड़े पैमाने पर इन ईटीएफ को बेच रहे हैं।
मेटल सेक्टर के प्रमुख शेयरों में भी तगड़ी गिरावट आई है। वेदांता के शेयर 10 प्रतिशत, हिंदुस्तान जिंक 10 प्रतिशत, हिंदुस्तान कॉपर 18 प्रतिशत से अधिक, हिंदुस्तान एल्युमिनियम करीब 5 प्रतिशत और हिंडाल्को के शेयर 7 प्रतिशत तक टूटे हैं।
शेयर बाजार में भी गिरावट का रुख है। सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में कारोबार कर रहे हैं, हालांकि बजट से पहले कुछ उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना नौवां बजट पेश करने जा रही हैं। बाजार को उम्मीद है कि बजट में सोने-चांदी पर आयात शुल्क में कमी या अन्य राहत मिल सकती है। ज्वेलर्स संघों ने कस्टम ड्यूटी कम करने की मांग की है ताकि कीमतें घटें और ग्राहक खरीदारी बढ़े।
निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सतर्क रहें और बजट के बाद की स्थिति का आकलन करें।