जबलपुर के बरगी डैम में पर्यटकों से भरा क्रूज डूबने से अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोग अब भी लापता हैं। नर्मदा के बैकवाटर में उठी ऊंची लहरों और तेज हवाओं के बीच हुए इस हादसे में 23 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है लेकिन अपनों को खोने वाले परिवारों में मातम पसरा है। दिल्ली से आए एक पीड़ित ने क्रूज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि सुरक्षा के इंतजाम शून्य थे और संकट के समय क्रू मेंबर यात्रियों को मरता छोड़कर भाग निकले। लाइफ जैकेट न मिलने और चालक की जिद ने इस सैर-सपाटे को खूनी मंजर में तब्दील कर दिया जिससे प्रशासन के पर्यटन दावों पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
रात भर चला रेस्क्यू और टलती उम्मीदें
हादसे की खबर मिलते ही सरकार हरकत में आई और कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह समेत धर्मेंद्र लोधी ने रात भर मौके पर मौजूद रहकर बचाव कार्य की निगरानी की। डूबे हुए क्रूज को निकालने के तमाम प्रयास विफल होने के बाद अब भोपाल और आगरा से एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीमों को बुलाया गया है। गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद 12 घंटे बाद एक महिला का शव निकाला है लेकिन समय बीतने के साथ लापता लोगों के बचने की उम्मीदें खत्म होती जा रही हैं। भारी भरकम मशीनों और लोहे के तारों से क्रूज को खींचने की कोशिशें जारी हैं ताकि मलबे में दबे अन्य लोगों का सुराग लगाया जा सके।
