जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध (नर्मदा नदी) में गुरुवार शाम हुआ क्रूज हादसा अब एक बड़ी त्रासदी में बदल गया है। भीषण तूफान की चपेट में आने से डूबे क्रूज से शवों के निकलने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक महिला समेत दो और शव बरामद किए गए, जिसके बाद इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है।
प्रशासनिक अपडेट के अनुसार, क्रूज पर सवार 37 लोगों में से 22 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 6 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में मासूम बच्चों की संख्या अधिक होने से परिजनों का बुरा हाल है।
सेना और NDRF का महा-रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की भयावहता को देखते हुए आगरा से सेना और एनडीआरएफ (NDRF) की विशेषज्ञ टीमों को बुलाया गया है। शुक्रवार तड़के से ही गोताखोर अत्याधुनिक उपकरणों के साथ बांध के गहरे पानी में सर्चिंग कर रहे हैं।
हाइड्रोलिक मशीनों का उपयोग: डूबे हुए क्रूज को बाहर निकालने के लिए भारी-भरकम हाइड्रोलिक मशीनों और जेसीबी की मदद ली जा रही है।
गैस कटर से काटा जा रहा क्रूज: आशंका है कि कुछ शव क्रूज के केबिन के भीतर फंसे हो सकते हैं। इसे देखते हुए रेस्क्यू टीमें गैस कटर से क्रूज के हिस्सों को काटकर तलाशी ले रही हैं।
लापता लोगों की सूची (सर्चिंग जारी)
अभी भी जिन लोगों का सुराग नहीं मिल पाया है, उनमें शामिल हैं:
बच्चे: तमिल (5 वर्ष), विराज सोनी (6 वर्ष), पूनम थापा (7 वर्ष) और मयूरम (9 वर्ष)।
अन्य: कामराज (39 वर्ष), रेशमा सैय्यद (66 वर्ष) और ज्योति श्रीवास (34 वर्ष)।
बिहार के मजदूरों ने दिखाया अदम्य साहस
जहाँ एक ओर सरकारी टीमें जुटी हैं, वहीं चश्मदीदों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद पास में निर्माण कार्य कर रहे बिहार के मजदूरों ने देवदूत बनकर कई जानें बचाईं। मजदूर करण सिंह और अरविंद यादव ने अपनी जान जोखिम में डालकर रस्सियों और ट्यूब के सहारे करीब 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
सरकार की मुस्तैदी और मुआवजे का ऐलान
घटनास्थल पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी और स्थानीय सांसद आशीष दुबे कल शाम से ही डेरा डाले हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
सहायता राशि: सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
हादसे की वजह: बताया जा रहा है कि शाम को आए अचानक भीषण तूफान के कारण लहरें ‘पहाड़’ जैसी ऊंची उठ रही थीं, जिससे 60 पर्यटकों की क्षमता वाला यह क्रूज असंतुलित होकर पलट गया।