रायपुर। भारत की वायु रक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण मजबूती आने वाली है। रूस ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि एस-400 (ट्रायम्फ) लंबी दूरी की एयर डिफेंस सिस्टम का चौथा स्क्वाड्रन मई 2026 तक भारत पहुंच जाएगा, जबकि पांचवां तथा अंतिम स्क्वाड्रन 2027 में डिलीवर किया जाएगा।
एस-400, जिसे भारत में सुदर्शन चक्र के नाम से जाना जाता है, दुनिया की सबसे उन्नत सर्फेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम में से एक है। यह मल्टी-लेयर एयर डिफेंस का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो दुश्मन के लड़ाकू विमान, क्रूज मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल तथा ड्रोन को रोकने में सक्षम है।
एस-400 की मुख्य विशेषताएं
- ट्रैकिंग रेंज: 600 किलोमीटर तक लक्ष्य का पता लगाना
- मारक रेंज: 400 किलोमीटर तक (विभिन्न मिसाइलों के साथ: 40N6 – 400 किमी, 48N6 – 250 किमी, 9M96E2 – 120 किमी)
- एक साथ क्षमता: 100 लक्ष्यों को ट्रैक करना तथा 6 से 36 लक्ष्यों को एक साथ नष्ट करने की क्षमता
- मोबाइल सिस्टम: ट्रक पर आधारित, 5-10 मिनट में तैनात होने योग्य
- प्रमुख घटक: लंबी दूरी का सर्विलांस रडार (91N6E बिग बर्ड), एंगेजमेंट रडार (92N6E ग्रेव स्टोन) तथा मोबाइल लॉन्चर
डील की जानकारी
- समझौता: अक्टूबर 2018 में भारत-रूस के बीच 5 एस-400 रेजिमेंटल सेट्स (स्क्वाड्रन) की डील हुई
- कुल लागत: लगभग 40,000 करोड़ रुपये (5.43 अरब अमेरिकी डॉलर)
- वर्तमान स्थिति: पहले तीन स्क्वाड्रन पहले ही डिलीवर हो चुके हैं तथा ऑपरेशनल हैं (2021 से शुरू)
- चौथा स्क्वाड्रन: मई 2026 तक
- पांचवां स्क्वाड्रन: 2027 तक
डिलीवरी में कुछ देरी रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण उत्पादन तथा सप्लाई चेन पर प्रभाव के चलते हुई, लेकिन अब डिलीवरी की प्रक्रिया तेज हो गई है।
ऑपरेशन सिंदूर में निर्णायक भूमिका
मई माह में ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ मनाई जाएगी। यह भारत की एक बड़ी सैन्य कार्रवाई थी, जो अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले (जिसमें 26 नागरिक मारे गए) के जवाब में की गई थी। ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया।
एस-400 ने इस ऑपरेशन में पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों, ड्रोन तथा मिसाइलों को रोकने में निर्णायक भूमिका निभाई। भारतीय वायु सेना प्रमुख ने बताया कि एस-400 ने 300 किलोमीटर दूर से 5 पाकिस्तानी फाइटर जेट्स तथा एक बड़ा एयरक्राफ्ट (एईडब्ल्यूएंडसी) को मार गिराया। यह सिस्टम भारत की मल्टी-टियर डिफेंस का बाहरी लेयर है, जिसमें स्वदेशी आकाश, एमआर-एसएएम आदि प्रणालियां शामिल हैं। ऑपरेशन सिंदूर में एस-400 ने पाकिस्तानी हवाई हमलों को नाकाम कर भारत की मजबूत डिटरेंस क्षमता को प्रदर्शित किया।
एस-400 की पूर्ण डिलीवरी से भारत की वायु रक्षा प्रणाली में अभूतपूर्व मजबूती आएगी तथा क्षेत्रीय सुरक्षा में नई विश्वसनीयता जुड़ेगी।