CBSE Re-Evaluation Portal Cyber Attack: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के कक्षा 12वीं के री-इवैल्यूएशन पोर्टल (re-evaluation portal) को लेकर इस वक्त की बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। मंगलवार यानी 2 जून को जैसे ही बोर्ड ने पुनर्मूल्यांकन के लिए लिंक एक्टिवेट किया, वैसे ही साइबर ठगों और हैकर्स ने सीबीएसई के इस महत्वपूर्ण डिजिटल सिस्टम को हैक करने की बड़ी कोशिश की। हालांकि, बोर्ड की मुस्तैदी की वजह से हैकर्स की यह चाल पूरी तरह से नाकाम साबित हुई।

भारी ट्रैफिक के बीच हैकर्स का धावा, सिस्टम ने झेला दबाव
सीबीएसई ने इस पूरे मामले पर एक आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति साफ की है। बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, 2 जून को पोर्टल ओपन होते ही उस पर देश भर से लाखों छात्रों का भारी ट्रैफिक (heavy web traffic) आ गया। इसी दौरान कुछ अज्ञात साइबर अपराधियों ने पोर्टल को क्रैश करने या डेटा में सेंध लगाने के लिए साइबर अटैक (cyber attack on CBSE portal) की कोशिश की।
अच्छी बात यह रही कि सीबीएसई का सर्वर और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर इस तरह के खतरों से निपटने के लिए पहले से ही पूरी तरह अपग्रेड और तैयार था। बोर्ड ने दावा किया है कि इस अटैक को बिना किसी नुकसान के सफलतापूर्वक रोक दिया गया। अब छात्र बिना किसी तकनीकी खराबी या रुकावट के आसानी से अपना आवेदन ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं।
पहले ही दिन 16,000 से ज्यादा छात्रों ने किया ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
साइबर हमले की कोशिशों के बावजूद पोर्टल पर छात्रों के आवेदन करने की रफ्तार बिल्कुल नहीं थमी। बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 2 जून की दोपहर 3 बजे तक ही 16 हजार से ज्यादा छात्र री-इवैल्यूएशन के लिए अपना सक्सेसफुल रजिस्ट्रेशन (successful registration) करा चुके थे। सीबीएसई का यह नया डिजिटल सिस्टम एक समय में 8 हजार से अधिक लाइव यूजर्स (live users support) का लोड आसानी से संभाल रहा है।
सीबीएसई ने साफ किया है कि छात्र इस री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर आगामी 06 जून 2026 तक हर हाल में अपना फॉर्म भर सकते हैं।
शिक्षा मंत्रालय ने बैठाई हाई-लेवल जांच, दोषियों पर गिरेगी गाज
इस साइबर अटैक के अलावा सीबीएसई के ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM system) यानी कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन में भी बड़े पैमाने पर खामियां सामने आई थीं। पुनर्मूल्यांकन पोर्टल शुरू होने में हो रही देरी को लेकर भी देश भर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education investigation) ने इस पर एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी बैठा दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट सामने आते ही तकनीकी लापरवाही बरतने वाले और दोषियों के खिलाफ बेहद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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