देश के प्रमुख प्राइवेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। अप्रैल से जून 2026 की इस तिमाही में बैंक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने मुनाफे में तगड़ा इजाफा किया है। बैंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफ़िट में 15.95 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद मुनाफा 14,804 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी अवधि में बैंक का मुनाफा 12,768 करोड़ रुपये था।
कंसोलिडेटेड मुनाफे में भी बढ़त
बैंक के कंसोलिडेटेड यानी पूरे ग्रुप के मुनाफे में भी 13.88 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला है, जो बढ़कर 15,440 करोड़ रुपये हो गया है। मुनाफे में हुई इस बढ़ोतरी के पीछे लोन वितरण में आई 20 प्रतिशत की तेजी को एक बड़ी वजह माना जा रहा है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम यानी ब्याज से होने वाली मुख्य कमाई भी बढ़कर 24,384 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
एसेट क्वालिटी में सुधार
बैंक की वित्तीय सेहत को मापने का एक मुख्य पैमाना एसेट क्वालिटी होती है। इस मोर्चे पर बैंक के नतीजे काफी सकारात्मक रहे हैं। बैंक का ग्रॉस एनपीए रेश्यो, जो खराब लोन की स्थिति को दर्शाता है, घटकर 1.38 प्रतिशत रह गया है। पिछले साल यह 1.67 प्रतिशत था। इसका मतलब है कि बैंक के पास खराब लोन यानी जो पैसा वापस नहीं आ रहा, उसकी संख्या में कमी आई है।
डिपॉजिट और अन्य आय में बढ़ोतरी
तिमाही के दौरान बैंक के डिपॉजिट में भी सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा, अन्य स्रोतों से होने वाली आय में भी 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिससे बैंक का कुल बिजनेस मजबूत हुआ है। बैंक की नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी कर्ज पर मिलने वाले ब्याज और जमा पर दिए जाने वाले ब्याज का अंतर भी 4.36 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इन नतीजों से निवेशकों के बीच उत्साह का माहौल है।
