तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा सियासी घमासान अब अपने चरम पर पहुंच गया है। पार्टी के भीतर हो रही बगावत के बीच सांसद अभिषेक बनर्जी ने बागी नेताओं के सामने एक बड़ी चुनौती पेश की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर वे सभी नेता ममता बनर्जी के नेतृत्व को मानकर पार्टी में वापस लौट आते हैं, तो वह खुद 1 घंटे के भीतर अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। अभिषेक का यह बयान पार्टी में मचे बवाल के बीच एक बड़ा राजनीतिक दांव माना जा रहा है।
बागी नेताओं पर लगाया डील का आरोप
अभिषेक बनर्जी ने बागी नेताओं पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलीभगत कर रखी है। उन्होंने कहा कि पहले पार्टी छोड़ना, फिर विपक्ष का हिस्सा बनना और अंत में मुझे दोषी ठहराना, यह सब पहले से तय डील का हिस्सा है। अभिषेक ने साफ किया कि अगर वाकई पार्टी में संकट की वजह मेरी कार्यशैली है, तो उन लोगों के लौटते ही मैं कुर्सी छोड़ने को तैयार हूं।

पार्टी छोड़ रहे दिग्गज नेता
पिछले कुछ समय में टीएमसी के कई बड़े चेहरे पार्टी से किनारा कर चुके हैं। राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक जैसे नेताओं के बाहर जाने से पार्टी को बड़ा झटका लगा है। इसके अलावा काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में 20 सांसदों ने भी बागी तेवर अपनाते हुए अलग गुट बनाकर एनडीए को समर्थन देने का दावा किया है। इसमें शताब्दी रॉय, यूसुफ पठान और देव अधिकारी जैसे चर्चित नाम भी शामिल हैं। फिलहाल टीएमसी में मची इस उथल-पुथल पर सबकी निगाहें टिकी हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अभिषेक बनर्जी की इस चुनौती का बागी नेता क्या जवाब देते हैं।