राजकुमार, भाटापारा। छत्तीसगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती को लेकर सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। भाटापारा विधानसभा क्षेत्र में बिजली की आंख-मिचौली से परेशान होकर अब कांग्रेस ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि और पूर्व मंडी अध्यक्ष सुशील शर्मा ने बिजली विभाग के लापरवाह अफसरों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर शहर और ग्रामीण इलाकों में तुरंत अघोषित बिजली कटौती बंद नहीं हुई, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर बिजली ऑफिस का जंगी घेराव करेगी।
अफसर सरकारी खजाने से तनख्वाह ले रहे, पर काम शून्य
सुशील शर्मा ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस वक्त क्षेत्र की जनता बिजली की मनमानी कटौती से बुरी तरह त्रस्त है। लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मदमस्त होकर दफ्तरों में बैठे हैं। वे सिर्फ सरकारी खजाने से अपनी मोटी तनख्वाह उठा रहे हैं, लेकिन अपने कर्तव्यों का पालन बिल्कुल नहीं कर रहे।
शर्मा ने कहा कि इस भीषण गर्मी में अधिकारियों की यह घोर लापरवाही अब बर्दाश्त के बाहर हो चुकी है। एक तरफ लोगों को बिना बताए घंटों अंधेरे में रखा जा रहा है, तो दूसरी तरफ उपभोक्ताओं को मनमाना और भारी-भरकम बिजली बिल थमाया जा रहा है।
रात-रात भर गुल रहती है बत्ती, लो-वोल्टेज से जनता बेहाल
ग्रामीण इलाकों के हालात बयां करते हुए कांग्रेसी नेता ने कहा कि गांवों में स्थिति अत्यंत भयावह हो चुकी है। दिन तो छोड़िए, रात के समय घंटों के लिए बिजली बंद कर दी जाती है।
पूर्व मंडी अध्यक्ष सुशील शर्मा ने कहा कि, पूरे विधानसभा में ऐसा कोई दिन नहीं गुजरता, जब दो से चार घंटे बिजली गुल न होती हो। आज शहर से लेकर गांव तक की जनता बिजली कटौती और लो-वोल्टेज (Low Voltage Problem) की दोहरी मार झेल रही है। लोगों के भीतर अब आक्रोश की चिंगारी पनप रही है, जो कभी भी आंदोलन के रूप में फूट सकती है।”
फोन नहीं उठाते फ्यूज कॉल सेंटर के कर्मचारी, बदलने की मांग
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, सुशील शर्मा ने बिजली कंपनी के फ्यूज कॉल सेंटर (Fuse Call Center) पर भी बड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए बने इन सेंटरों पर कर्मचारी कभी उपलब्ध ही नहीं रहते। दिन हो या रात, यहाँ का फोन कभी उठता ही नहीं है। परेशान होकर उपभोक्ताओं ने अब फोन लगाना ही बंद कर दिया है। शर्मा ने मांग की है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार कर्मचारियों को तुरंत हटाकर वहां योग्य और जवाबदेह स्टाफ की नियुक्ति की जाए।
भूपेश सरकार की बिजली बिल हाफ योजना बंद करने पर घेरा
भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सुशील शर्मा ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कामकाज की याद दिलाती। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों के बावजूद पिछले पांच साल कांग्रेस सरकार ने जनता के हित में ‘बिजली बिल हाफ योजना’ (Bijli Bill Half Scheme) को सुचारू रूप से चलाया। इसका सीधा लाभ प्रदेश के 44 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को मिल रहा था। लेकिन सत्ता में आते ही भाजपा सरकार ने इस जन कल्याणकारी योजना को बंद कर जनता के अधिकारों पर कुठाराघात किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही सुधार नहीं हुआ, तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेगी।