नई दिल्ली (Delhi High Court Umar Khalid Bail): दिल्ली दंगे के यूएपीए (UAPA) मामले में जेल में बंद जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने खालिद को तीन दिनों की अंतरिम जमानत दे दी है। जानकारी के मुताबिक, हाई कोर्ट ने उन्हें 1 जून से 3 जून तक के लिए जेल से बाहर आने की इजाजत दी है। यह राहत उमर खालिद को उनकी बीमार मां की सर्जरी के दौरान देखभाल करने और उनके दिवंगत चाचा के चहलुम (निधन के 40वें दिन की रस्म) में शामिल होने के लिए दी गई है।
सुबह 7 से शाम 5 बजे तक की मिली मोहलत, दिल्ली-NCR से बाहर जाने पर रोक
अदालत ने उमर खालिद को राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही कई कड़े नियम और शर्तें भी लागू की हैं। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, उमर खालिद की यह अंतरिम जमानत 1 जून की सुबह 7 बजे से शुरू होगी और उन्हें 3 जून की शाम 5 बजे तक हर हाल में वापस सरेंडर करना होगा।
जमानत की अवधि के दौरान उमर खालिद को सिर्फ दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में रहने की अनुमति होगी। वे केवल अपने तय पते पर ही ठहर सकेंगे। इसके अलावा, मां के इलाज के लिए अस्पताल जाने के सिवाय उन्हें किसी भी अन्य जगह या सार्वजनिक स्थान पर घूमने-फिरने की सख्त मनाही होगी।
निचली अदालत से झटका लगने के बाद पहुंचे थे हाई कोर्ट
इससे पहले दिल्ली की एक निचली अदालत (Karkardooma Court) ने उमर खालिद की इस अंतरिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया था। खालिद ने पारिवारिक और मानवीय आधार का हवाला देते हुए अदालत से 15 दिनों की मोहलत मांगी थी। जब निचली अदालत से याचिका खारिज हो गई, तो उन्होंने फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहाँ से उन्हें यह तीन दिन की राहत मिली।