रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत देश भर में पेट्रोल और डीजल के दामों में हुई भारी बढ़ोतरी के बाद अब इस पर सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। इस मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर करारा हमला बोला है。 राजधानी रायपुर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने देश में उपजे इस आर्थिक संकट के लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है।
दूसरों के लिए कायदे कानून, खुद के लिए नहीं: भूपेश बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यप्रणाली पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने रामायण की चौपाई का जिक्र करते हुए कहा कि ‘पर उपदेश कुशल बहुतेरे’। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री देश की जनता और नेताओं से कहते हैं कि ज्यादा विदेश यात्राएं न करें, लेकिन वे खुद लगातार विदेश दौरों पर निकल जाते हैं।
बघेल ने आरोप लगाया कि देश में आम जनता के लिए अलग कायदे-कानून बनाए जा रहे हैं और सत्ता में बैठे लोगों के लिए अलग। उन्होंने केंद्र से तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि ईंधन के दाम बढ़ने से आम आदमी त्रस्त है, सरकार इस संकट को रोकने के लिए क्या कर रही है, यह पहले देश को साफ-साफ बताया जाए।
सरकार के ‘सुशासन तिहार’ पर भी उठाए गंभीर सवाल
पेट्रोल-डीजल के अलावा, पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में मनाए जा रहे ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम को लेकर भी जमकर हमला बोला है। उनका कहना है कि इस सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री खुद जिलों के दौरों पर जा रहे हैं, मगर जमीनी हकीकत यह है कि उनसे कोई आम आदमी मिल ही नहीं पा रहा है।
प्रशासन बेलगाम, भाजपा नेताओं में हताशा: पूर्व सीएम
भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक पकड़ पर भी उंगली उठाई है। उन्होंने कहा कि सूबे में प्रशासन पर से सरकार का नियंत्रण पूरी तरह खो चुका है। हालत यह हो गई है कि विपक्ष तो दूर, खुद सत्ताधारी दल यानी भाजपा के अपने जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के भीतर भी भारी हताशा और निराशा का माहौल बना हुआ है। अफसरों की मनमानी के आगे किसी की सुनवाई नहीं हो रही है। इस तीखे बयान के बाद प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं।