सक्ती
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। युवा कांग्रेस ने इस मामले में अपनी फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट जारी करते हुए सीधे तौर पर प्लांट प्रबंधन और सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। रायपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा और विनयशील गुप्ता ने इस घटना से जुड़े कई चौंकाने वाले दावे किए हैं।
युवा कांग्रेस का कहना है कि हादसे की जांच में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। संगठन ने सवाल उठाया है कि इतने बड़े हादसे की एफआईआर को अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया है। उन्होंने आशंका जताई है कि मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, हादसे से महज दस दिन पहले प्लांट में शॉर्ट शटडाउन लिया गया था। नियमों के मुताबिक शटडाउन के बाद दोबारा काम शुरू करने के लिए उद्योग विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है, लेकिन युवा कांग्रेस ने सवाल किया है कि क्या इस मामले में ऐसी कोई अनुमति ली गई थी।
युवा कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि छत्तीसगढ़ के सभी पावर प्लांटों का तत्काल सेफ्टी ऑडिट कराया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि केवल मुआवजा देकर मामले को खत्म नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि एफआईआर सार्वजनिक नहीं की गई और दोषियों पर कड़ी धाराएं लगाकर कार्रवाई नहीं हुई, तो युवा कांग्रेस सक्ती से लेकर रायपुर तक उग्र प्रदर्शन करेगी। इस मामले ने अब औद्योगिक सुरक्षा और जवाबदेही पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।