धारणा 10 हजार रुपए की
राजकुमार मल
भाटापारा- रिकॉर्ड 9000 और 9500 रुपए क्विंटल। नया और पुराना विष्णुभोग धान में बोली जा रही यह कीमत 10000 रुपए क्विंटल पर जाने का साफ संकेत दे रही है क्योंकि कर्नाटक का साथ छत्तीसगढ़ को मिल रहा है।
प्रति क्विंटल भाव का कीर्तिमान बनाने की राह पर चल पड़ा है धान विष्णुभोग। साथ उस कर्नाटक का मिल रहा है, जिसकी चौतरफा खरीदी निकली हुई है। यह खरीदी इसलिए निकली हुई है क्योंकि देश स्तर पर विष्णुभोग चावल में मांग है। इसके साथ निर्यात भी बहुत जल्द खुलने वाला है।

संकेत स्थाई मजबूती के
घरेलू मांग विष्णुभोग चावल में लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा अरब देशों के लिए भी निर्यात होता रहा है। निर्यात फिलहाल भले ही बंद हो लेकिन संकेत बेहतरी के मिलता देखकर कर्नाटक ने ना केवल अग्रिम भंडारण की तैयारी चालू कर दी है बल्कि विष्णु भोग धान में खरीदी की मात्रा भी बढ़ा दी है। इसलिए चल रही कीमत अब स्थाई बनने की धारणा है।
बढ़ सकता है बोनी का रकबा
एचएमटी और सियाराम जैसे बारीक धान की प्रजातियों की बोनी करने वाले किसान विष्णुभोग की बोनी के लिए आगे आ सकते हैं क्योंकि विष्णुभोग, कीमत के मामले में इनसे दो से तीन गुना आगे हो चुका है। यह स्थिति लगातार बने रहने की इसलिए संभावना है क्योंकि विष्णु भोग चावल खंडा और कनकी में खरीदी हर माह बढ़ता हुआ देख रहा है बाजार।

यह कर रहे आपूर्ति
रतनपुर, कटघोरा, पाली, कोरबा, मुंगेली, सरगुजा और बिलासपुर जिला। इन क्षेत्रों से आवक हो रही है विष्णुभोग धान की। आमतौर पर अप्रैल-मई के महीने में 1000 से 1500 कट्टा विष्णुभोग धान की आवक होती रही है लेकिन बढ़ती कीमत के बाद यह आवक अब रोजाना 2000 से 2500 कट्टा तक पहुंच चुकी है। इसमें 10 से 15 फ़ीसदी और वृद्धि की संभावना है।