बिलासपुर
छत्तीसगढ़ की बिलासपुर रेंज साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर सवा करोड़ रुपये के करीब की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने राजस्थान के चुरू जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक महिला को आतंक का डर दिखाकर 1.04 करोड़ रुपये से अधिक की रकम हड़प ली थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रूपेन्द्र सिंह और विशाल सिंह के रूप में हुई है।
ठगी का यह पूरा मामला बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया गया। आरोपियों ने पीड़िता को व्हाट्सएप कॉल कर खुद को पुलिस अधिकारी बताया और कहा कि उनका नाम एक आतंकवादी संगठन से जुड़ गया है। महिला को घंटों तक वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट में रखा गया। आरोपियों ने फर्जी तरीके से ईडी, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट के नकली नोटिस भेजकर महिला पर मानसिक दबाव बनाया। साथ ही परिवार को फंसाने की धमकी देकर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
इतना ही नहीं, आरोपी केस रफा-दफा करने के नाम पर 50 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग भी कर रहे थे। जब महिला ने अपने बेटे को इस बारे में बताया, तब ठगी का अहसास हुआ और बिलासपुर के रेंज साइबर थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने बैंकिंग ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजस्थान में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये आरोपी कमीशन के लालच में ठगी की रकम को अपने खातों में मंगाते थे और फिर उसे गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाते थे। पुलिस ने इनके पास से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल और चेकबुक जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है। बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस तरह के किसी भी अनजान कॉल या डिजिटल अरेस्ट के झांसे में न आएं और तत्काल पुलिस को सूचित करें।