सरगुजा । लुण्ड्रा जनपद केअंतर्गत ग्राम कराकी में पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के दौरान ताड़पत्र पर उड़िया भाषा में लिखी दुर्लभ पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं।
ग्राम के निवासी महेश्वर शाह इन पांडुलिपियों को वर्षों से सुरक्षित एवं श्रद्धापूर्वक संरक्षित कर रहे हैं। महेश्वर शाह के पास पांडुलिपियों के दो बंडल मिले हैं, जिनमें एक छोटा बंडल लगभग 70 पृष्ठों का तथा दूसरा बड़ा बंडल लगभग 150 पृष्ठों का है।
उनके अनुसार छोटा बंडल “मथुरा मंगल” तथा बड़ा बंडल
“भागवत” के एकादश स्कंध से संबंधित है।
पांडुलिपियां उनके दादाजी के समय की बताई जा रही हैं।
विशेष बात यह है कि उनके दादाजी निरक्षर होने के बावजूद इन पांडुलिपियों का पाठ कंठस्थ रूप से किया करते थे।
वर्तमान में नमी एवं अंधेरे में रखे जाने के कारण पांडुलिपियों में फफूंद लग गई है, जिससे अनेक ताड़पत्र आपस में चिपक गए हैं तथा कई पृष्ठ अस्पष्ट और अपठनीय हो चुके हैं।
इसके बावजूद पांडुलिपियों का बड़ा हिस्सा अब भी सुरक्षित है।
परिवार द्वारा इन पांडुलिपियों को पूजाघर में रखकर नियमित पूजा-अर्चना की जाती रही है। पूर्वजों की धरोहर के प्रति श्रद्धा भाव ही इनके संरक्षण का प्रमुख आधार बना हुआ है।
पांडुलिपियों के दस्तावेजीकरण एवं अपलोडिंग का कार्य पंचायत सचिव एवं सर्वेयर दामोदर सिंह तथा तकनीकी सहायक अजित कंवर द्वारा किया गया।
पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के जिला सदस्य श्रीश मिश्र ने स्थल पर पहुंचकर सर्वेयरों को प्रशिक्षण प्रदान किया तथा उनके मार्गदर्शन में जियो टैगिंग का कार्य सम्पन्न कराया गया।
इस संपूर्ण कार्य के समन्वय में जनपद पंचायत लुण्ड्रा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रीति भगत का सहयोग उल्लेखनीय रहा।
सरगुजा के कराकी गांव मेंमिली ” ताड़पत्र ” की दुर्लभ उड़िया पांडुलिपियां, पूर्वजों की धरोहर को सहेज रहा – शाह परिवार .

09
May