छत्तीसगढ़ की कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन को देखते हुए राज्य सरकार ने उन्हें 50 लाख रुपए की भारी-भरकम प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया है। नवा रायपुर में आयोजित एक विशेष समारोह में उपमुख्यमंत्री और खेल मंत्री अरुण साव ने संजू देवी को यह चेक सौंपा। राज्य के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी खिलाड़ी को खेल विभाग की ओर से इतनी बड़ी सम्मान निधि प्रदान की गई है। कोरबा के एक छोटे से गांव केराकछार के श्रमिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली संजू ने अपनी मेहनत के दम पर न केवल भारतीय टीम में जगह बनाई, बल्कि देश को विश्व कप और एशियन चैंपियनशिप जिताने में भी अहम भूमिका निभाई।
छोटे से गांव से निकलकर विश्व विजेता बनने तक का सफर
संजू देवी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली छत्तीसगढ़ की पहली महिला कबड्डी खिलाड़ी हैं। उन्होंने पिछले साल ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भारतीय टीम को चैंपियन बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया था। संजू वर्तमान में बिलासपुर की बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। उपमुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि संजू की यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया जाए और उन्हें हर संभव आर्थिक सहायता प्रदान की जाए ताकि वे बिना किसी बाधा के देश का नाम रोशन कर सकें।
राज्य में खेल और खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद
सम्मान समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए नई नीतियां बना रही है। इस सम्मान राशि का उद्देश्य न केवल संजू देवी की मेहनत को सराहना है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले अन्य खिलाड़ियों को भी यह संदेश देना है कि उनकी सफलता को पूरा प्रदेश गर्व से देख रहा है। समारोह में खेल विभाग की संचालक तनुजा सलाम और कबड्डी संघ के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के बड़े प्रोत्साहन से छत्तीसगढ़ के खेल जगत में एक नई ऊर्जा का संचार होगा और आने वाले समय में प्रदेश से और भी कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलेंगे।