कागजों में बनी पानी टंकी: गरियाबंद में भ्रष्टाचार का अनोखा मामला, पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने थाने में दर्ज कराई काम की गुमशुदगी

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में भ्रष्टाचार का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां ग्राम पंचायत चिचिया के दासोपारा में दो साल पहले स्वीकृत हुई पानी टंकी और पाइपलाइन विस्तार का काम धरातल पर शुरू ही नहीं हुआ, जबकि कागजों में इसे प्रगति पर दिखाकर राशि आहरण कर ली गई है।

तत्कालीन सरपंच के कार्यकाल में करीब सवा लाख रुपए की पहली किस्त निकालने के बावजूद मौके पर एक ईंट तक नहीं रखी गई। पिछले छह माह से जनपद और जिला प्रशासन के चक्कर काटकर थक चुकी पूर्व जिला पंचायत सदस्य धनमति यादव ने अब अनोखा रास्ता अपनाते हुए देवभोग थाने में इस गुमशुदा निर्माण कार्य को ढूंढने के लिए लिखित आवेदन दिया है।

दासोपारा की 600 से अधिक आबादी वर्तमान में भीषण गर्मी के बीच मात्र एक हैंडपंप के भरोसे जीने को मजबूर है। जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन तो बिछी है लेकिन पानी का स्रोत न होने के कारण नल सूखे पड़े हैं। इस पेयजल संकट और प्रशासनिक चुप्पी से नाराज स्थानीय महिलाओं ने अब नेशनल हाईवे जाम करने की चेतावनी दी है।

थाना प्रभारी ने मामले को जांच के दायरे में लिया है और जनपद सीईओ से कार्य के क्रियान्वयन की जानकारी मांगी है। यह मामला साफ तौर पर आर्थिक अनियमितता और सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है कि कैसे एक जनप्रतिनिधि की शिकायतों को भी महीनों तक ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *