गिरहोला में ओवरलोड से टूटा मुख्य तार, कांकेर से केबल मंगाकर रात 12 बजे तक चला सुधार कार्य

चारामा : ग्राम पंचायत गिरहोला में शुक्रवार दोपहर ओवरलोड के चलते मुख्य बिजली का तार टूटने से पूरे गांव की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों को करीब 10-12 घंटे बिना बिजली के गुजारने पड़े, जिसके बाद देर रात विभाग द्वारा व्यवस्था बहाल की गई।

​50 mm की जगह लगाया गया 70 mm का केबल
​शुक्रवार दोपहर क्षमता से अधिक दबाव पड़ने के कारण गांव का 50 mm का मुख्य तार टूट गया। बिजली कर्मचारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कांकेर से विशेष रूप से 70 mm का केबल वायर मंगाया। नया केबल आने के बाद युद्ध स्तर पर काम शुरू हुआ और कर्मचारियों की कड़ी मशक्कत के बाद रात 12:00 बजे गांव की आपूर्ति शुरू हो सकी।

​सरपंच ने की थी मांग, पर व्यवस्था अब भी अधूरी
​गांव में बढ़ते संकट को देखते हुए ग्राम सरपंच द्वारा बीती 15 मार्च को ही विद्युत विभाग के अधिकारियों और क्षेत्रीय विधायक को नए ट्रांसफार्मर की मांग की गई थी, जो अब तक लंबित है।

​बड़ी चूक: 20 वर्षों की उदासीनता भी जिम्मेदार
​इस संकट के पीछे कहीं न कहीं ग्रामीणों और विभाग की पुरानी लापरवाही भी सामने आई है। पिछले 20 वर्षों से ग्रामीण एक ही पुराने ट्रांसफार्मर पर निर्भर रहे, जबकि घरों की संख्या और बिजली की खपत कई गुना बढ़ गई। इस लंबी अवधि में न तो ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से नए ट्रांसफार्मर के लिए आवाज उठाई और न ही विद्युत विभाग ने अपनी ओर से कोई सर्वे किया ताकि बढ़ते लोड के अनुसार बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा सके। इसी आपसी तालमेल की कमी और सुस्ती का नतीजा आज पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है।

​विभागीय आश्वासन: RDCC

योजना से समाधान
​इस संबंध में विद्युत विभाग के अधिकारी श्री कंवर ने बताया कि नए ट्रांसफार्मर की मांग शासन को भेजी गई है। वर्तमान में RDCC योजना के तहत घरेलू और कृषि (खेत के बोर) के लिए अलग-अलग ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। क्षेत्र के कई हिस्सों में यह काम पूरा हो चुका है और गिरहोला में भी अगले 1 से 2 महीने में यह कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे ओवरलोड की समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी।

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