रायपुर की प्यास पर सियासत: बूंद-बूंद को तरसी जनता का फूटा गुस्सा, कांग्रेस ने मटका फोड़कर नगर निगम को दिया 3 दिन का अल्टीमेटम

रायपुर। राजधानी रायपुर के कई इलाकों में पिछले एक महीने से जारी भीषण जल संकट ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कापा, नहरपार और चंडीनगर जैसे क्षेत्रों में नल सूखने और टैंकरों की कमी से बेहाल नागरिकों के साथ मिलकर जिला कांग्रेस कमेटी ने नगर निगम जोन-9 कार्यालय का जोरदार घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भीषण गर्मी के बावजूद निगम प्रशासन गहरी नींद में सोया है और लोग पीने के पानी तक के लिए दूसरे मोहल्लों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं।

सूखी पाइपलाइन और टैंकरों की भारी किल्लत

जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन और वरिष्ठ नेता पंकज शर्मा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में महिलाओं ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि नियमित टैंकर न आने से उन्हें मीलों दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। वर्तमान में संचालित केवल चार टैंकर हजारों की आबादी की प्यास बुझाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि टैंकरों की संख्या तत्काल बढ़ाकर कम से कम 10 की जाए और उन क्षेत्रों में प्राथमिकता से पानी भेजा जाए जहां पिछले 30 दिनों से पाइपलाइन में एक बूंद पानी भी नहीं आया है।

निगम को अल्टीमेटम और बड़े आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने निगम प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए तीन दिन का समय दिया है। यदि निर्धारित समय के भीतर पाइपलाइन के जरिए जलापूर्ति बहाल नहीं की गई और टैंकरों की संख्या नहीं बढ़ाई गई, तो राजधानी में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। दूसरी ओर, जोन कमिश्नर ने स्थिति को संभालने का आश्वासन देते हुए कहा है कि अतिरिक्त टैंकरों के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल गर्मी में यही आश्वासन मिलते हैं, लेकिन धरातल पर सुधार नजर नहीं आता।

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