छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां मधुमक्खियों के हमले में एक बुजुर्ग ग्रामीण को अपनी जान गंवानी पड़ी। डौंडी थाना क्षेत्र के गोटूलमुड़ा गांव में महुआ बीनने जंगल गए पति-पत्नी पर मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में पति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल है।
महुआ बीनने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, 65 वर्षीय चम्पूलाल गोयल अपनी पत्नी सुमित्रा के साथ सुबह जंगल की ओर निकले थे। दोनों पेड़ के नीचे महुआ बीन रहे थे, तभी अचानक कहीं से मधुमक्खियों का पूरा झुंड उन पर टूट पड़ा। हमले इतना भीषण था कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। किसी तरह पत्नी सुमित्रा ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन चम्पूलाल हमले की चपेट में बुरी तरह आ गए और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
अस्पताल में भर्ती और पुलिस की कार्रवाई
गंभीर रूप से घायल महिला को ग्रामीणों की मदद से तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज जारी है। घटना की खबर मिलते ही डौंडी थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर बुजुर्ग के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मैदानी सूत्रों ने बताया कि इस घटना के बाद से गोटूलमुड़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है, क्योंकि वर्तमान में ग्रामीण महुआ संग्रहण के लिए लगातार जंगलों का रुख कर रहे हैं।
प्रशासन की अपील
दरअसल, गर्मी के इस सीजन में ग्रामीण अक्सर सुबह-सुबह जंगलों में जाते हैं। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जंगलों में जाते समय सतर्क रहें और मधुमक्खियों के छत्तों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।