रायपुर। राजधानी के मशहूर अंबुजा सिटी सेंटर मॉल में शॉपिंग करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जिला उपभोक्ता आयोग ने मॉल द्वारा की जा रही पार्किंग शुल्क की वसूली को पूरी तरह अवैध घोषित कर दिया है। आयोग ने सख्त लहजे में निर्देश जारी करते हुए कहा है कि मॉल प्रबंधन को अब ग्राहकों के वाहनों के लिए निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। दरअसल इस ऐतिहासिक फैसले के बाद शहर के अन्य मॉल में भी पार्किंग के नाम पर हो रही अवैध वसूली पर लगाम लगने की उम्मीद बढ़ गई है।
पिकअप-ड्रॉप के नाम पर भी वसूली और अधिवक्ता की कानूनी लड़ाई
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब अधिवक्ता अंजिनेश अंजय शुक्ला अपनी माता को छोड़ने मॉल पहुंचे थे। उन्होंने प्रबंधन से कहा कि उन्हें सिर्फ पिकअप और ड्रॉप करना है जिसके लिए कोई शुल्क नहीं लगना चाहिए लेकिन मॉल कर्मियों ने साफ कह दिया कि वहां ऐसी कोई फ्री सुविधा नहीं है। इसके बाद शुक्ला से जबरन 30 रुपये वसूले गए जिससे आहत होकर उन्होंने उपभोक्ता आयोग की शरण ली। मैदानी सूत्रों का कहना है कि अधिवक्ता ने गुजरात उच्च न्यायालय और विभिन्न उपभोक्ता आयोगों के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए इसे मानसिक प्रताड़ना और सेवा में कमी बताया था।
आयोग का सख्त रुख और मुफ्त पार्किंग का आदेश
प्रकरण की विस्तृत सुनवाई के बाद उपभोक्ता आयोग ने अधिवक्ता शुक्ला के तर्कों को विधिसम्मत माना और मॉल प्रबंधन की दलीलों को खारिज कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि व्यावसायिक परिसर में आने वाले ग्राहकों से पार्किंग शुल्क लेना नियमों के विरुद्ध है और मॉल को तुरंत इसे बंद करना होगा। आयोग ने भविष्य में निशुल्क पार्किंग सुनिश्चित करने के निर्देश के साथ यह संदेश भी दिया है कि उपभोक्ता के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि रायपुर के उपभोक्ताओं के लिए यह फैसला एक मिसाल बन गया है जिससे अब पार्किंग माफियाओं के हौसले पस्त होंगे।