तखतपुर के रिहायशी इलाकों और ग्रामीण अंचलों में गुरुवार सुबह आवारा कुत्तों ने ऐसा खौफ पैदा किया कि लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। एक के बाद एक संदिग्ध रूप से पागल कुत्तों ने नगर के साथ-साथ भथरी और पचबहरा जैसे गांवों में लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर काटना शुरू कर दिया। इस खूनी हमले की चपेट में अब तक बच्चों समेत 16 लोग आ चुके हैं, जिनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। मैदानी सूत्रों का कहना है कि कुत्तों का झुंड अभी भी इलाके में सक्रिय है और प्रशासन उन्हें पकड़ने में अब तक नाकाम रहा है।
अस्पताल में इलाज तो मिला लेकिन सीरम का टोटा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे घायलों को डॉक्टरों ने आनन-फानन में एंटी-रेबीज इंजेक्शन तो लगा दिए, लेकिन अस्पताल की बदहाली भी सामने आ गई। गौरतलब है कि जिन मरीजों के घाव बहुत गहरे और गंभीर थे, उन्हें तत्काल सीरम देने की जरूरत थी, मगर अस्पताल में सीरम उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को बिना इसके ही वापस लौटना पड़ा। डॉक्टर राज किरण शर्मा ने पुष्टि की है कि सभी 16 मरीजों का प्राथमिक उपचार किया गया है, लेकिन सीरम की कमी ने गंभीर रूप से घायल लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
सड़कों पर घूम रहा मौत का साया और प्रशासन की सुस्ती
बता दें कि हमलावर कुत्तों को अभी तक काबू में नहीं किया जा सका है जिससे तखतपुर क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि एक से अधिक पागल कुत्ते इलाके में घूम रहे हैं जो लगातार राहगीरों को निशाना बना रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो घायलों का यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। फिलहाल प्रशासन की ओर से कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई विशेष अभियान शुरू नहीं किया गया है, जिससे ग्रामीण अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर खासे डरे हुए हैं।