परीक्षा से पहले बिक गया पर्चा? छात्र नेता के इस खुलासे से देश में खलबली

रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से शुरू हुआ एक नया विवाद अब देश की राजधानी तक पहुंच गया है। विश्वविद्यालय के छात्र नेता दीपक धनखड़ का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में छात्र नेता ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए द्वारा आयोजित कराई गई राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा में एक बहुत बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र बाहर आ गया था। इस खुलासे के बाद पूरे देश के छात्र संगठनों और परीक्षार्थियों के बीच रोष फैल गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब राजनीतिक गलियारों में भी इस यूजीसी नेट लीक को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है।

परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र मिलने का सनसनीखेज दावा

आम आदमी पार्टी की छात्र विंग एएसएपी के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष और एडवोकेट दीपक धनखड़ ने वीडियो में आरोप लगाया कि जून के आखिरी दिनों में आयोजित हुए कुछ विषयों के पेपर पहले ही लीक हो चुके थे। उन्होंने विशेष रूप से सोशियोलॉजी यानी समाजशास्त्र के विषय का जिक्र किया है। छात्र नेता का दावा है कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही कुछ विशेष लोगों तक ये सवाल पहुंच चुके थे। इस दावे ने पूरी परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।

कैसे खुली पोल, क्या है अंदरूनी कहानी

दीपक धनखड़ ने वीडियो में विस्तार से बताया कि परीक्षा से ठीक पहले कुछ अभ्यर्थियों को दो अलग-अलग सेटों में प्रश्न पढ़ाए गए थे। हैरानी की बात यह है कि जब वास्तविक परीक्षा हुई, तो उसमें से एक सेट के लगभग 100 प्रश्न हूबहू सरकारी प्रश्नपत्र से मेल खा रहे थे। छात्र नेता ने मांग की है कि इस पूरे मामले की एक स्वतंत्र और निष्पक्ष डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जाए। डिजिटल फॉरेंसिक जांच का मतलब होता है इंटरनेट, मोबाइल और कंप्यूटर के डेटा की वैज्ञानिक तरीके से बारीकी से जांच करना, जिससे यह पता चल सके कि प्रश्नपत्र किस समय और कहां से लीक हुआ था।

लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी का बड़ा हमला

इस पूरे मामले के सामने आते ही देश की राजनीति में भी भूचाल आ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को तुरंत अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर उठाया है। उन्होंने हरियाणा के एडवोकेट दीपक धनखड़ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अगर ये आरोप सच हैं, तो यह देश के लाखों होनहार विद्यार्थियों की दिन-रात की मेहनत पर एक बहुत बड़ा आघात है। उन्होंने मांग की है कि इन दावों की समय सीमा के भीतर जांच की जाए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।

छात्रों से मिलकर आवाज उठाने की अपील

राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था से छात्रों को न्याय मिलने की उम्मीद कम ही दिखाई देती है। उन्होंने देश भर के छात्रों से एकजुट होने की अपील की है ताकि एक मजबूत आवाज उठाई जा सके। विपक्ष का कहना है कि छात्रों की सम्मिलित गूंज ही देश की शिक्षा व्यवस्था में एक नया और सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी। दूसरी तरफ प्रशासन और संबंधित जांच एजेंसियां इस मामले की सत्यता का पता लगाने में जुट गई हैं ताकि छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।

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