नई दिल्ली। Raja Raghuvanshi Murder Case Sonam Raghuvanshi: देश के एक बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में एक बड़ा हलफनामा दायर किया है। इस हलफनामे में सोनम ने खुद को पूरी तरह बेगुनाह बताया है। उसने दावा किया है कि उसे इस पूरे मामले में जानबूझकर झूठा फंसाया जा रहा है। केवल आरोपों के आधार पर उसे दोषी नहीं माना जा सकता है। सोनम ने अदालत को भरोसा दिया है कि उसकी तरफ से सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।
आरोपी ने अपनी दलील में कही ये बात
सोनम रघुवंशी ने अपने हलफनामे में आगे कहा है कि पुलिस को अब उससे कुछ भी नया बरामद नहीं करना है। इस मामले में जांच एजेंसी पहले ही अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। वह इस समय ट्रायल कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रही है और शिलांग में रहकर जमानत की सभी शर्तों को मान रही है। इस बीच मेघालय सरकार ने सोनम को मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अब इस याचिका पर सुनवाई को 14 जुलाई तक के लिए टाल दिया है।
सरकारी वकील और अदालत के बीच हुई तीखी बहस
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत ने सोनम की जमानत पर तुरंत रोक लगाने का कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि 14 जुलाई तक सोनम को कोर्ट से राहत मिलती रहेगी। सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की तरफ से देश के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए। उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी के दस्तावेजों में हुई टाइपिंग की छोटी सी गलती को एक बड़ी कानूनी कमी मान लिया और जमानत को सही ठहरा दिया जो कि गलत है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आरोपी को दिए गए गिरफ्तारी मेमो और अन्य जरूरी दस्तावेज रिकॉर्ड पर पेश किए जाएं। सुप्रीम कोर्ट अब यह तय करेगा कि मेघालय सरकार की दलीलें टिकने लायक हैं या नहीं। आपको बता दें कि सोनम रघुवंशी को सबसे पहले शिलांग की एक कोर्ट ने जमानत दी थी जिसे बाद में हाई कोर्ट ने भी सही माना था और अब यह कानूनी लड़ाई देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच चुकी है।