दिलीप गुप्ता, सरायपाली: ओडिशा बॉर्डर से सटे महासमुंद जिले के सरायपाली में गांजा और मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शासन के निर्देश पर सरायपाली में 11 मई से एक्सक्लूसिव स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट (Exclusive Special NDPS Court) की शुरुआत कर दी गई है। प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश श्री पवन कुमार अग्रवाल को यहाँ का पहला विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। अब इस कोर्ट में सिर्फ और सिर्फ ड्रग्स और गांजा तस्करी से जुड़े मामलों की ही त्वरित सुनवाई (Fast Track Trial) होगी।
पड़ोसी राज्यों से तस्करी रोकने के लिए सरकार का बड़ा फैसला (Anti-Narcotics Action Chhattisgarh)
दरअसल, छत्तीसगढ़ में पड़ोसी राज्यों, खासकर ओडिशा के रास्ते बड़े पैमाने पर गांजा, नशीली दवाएं और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। महासमुंद जिले का सिंघोड़ा थाना क्षेत्र, रेहटीखोल और पदमपुर से बसना के बीच स्थित पलसापाली जांच चौकी तस्करों का मुख्य रूट रही है। पुलिस और एंटी नारकोटिक्स फोर्स (Anti-Narcotics Force) की मुस्तैदी से यहाँ आए दिन करोड़ों का गांजा, ड्रग्स और अवैध सोना-चांदी पकड़ा जाता है। मामलों की संख्या इतनी अधिक हो गई थी कि नियमित अदालतों में केस पेंडिंग (Pending Cases) होते जा रहे थे। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने बिलासपुर, रायपुर और महासमुंद के सरायपाली में तीन नए स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट शुरू किए हैं।
छत्तीसगढ़ में हर साल बढ़ रहे हैं ड्रग्स तस्करी के मामले (NDPS Cases Statistics)
राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में साल दर साल भारी बढ़ोतरी देखी गई है। थानों में दर्ज आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति बेहद गंभीर है:
मादक पदार्थ तस्करी (NDPS) के दर्ज मामलों का सालवार डेटा नीचे टेबल में दिया गया है:
| वर्ष | दर्ज प्रकरणों की संख्या |
| 2018 | 712 |
| 2019 | 707 |
| 2020 | 875 |
| 2021 | 1123 |
| 2022 | 1155 |
| 2023 | 1286 |
| 2024 | 1330 |
नोट: आंकड़ों से साफ है कि साल 2018 के मुकाबले 2024 तक आते-आते छत्तीसगढ़ में तस्करी के मामलों में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी हुई है।
राज्य में हर महीने औसतन 100 से ज्यादा मामले दर्ज हो रहे हैं। हाईकोर्ट (High Court) की सहमति से एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 36(2) के तहत इन विशेष अदालतों का गठन किया गया है, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
तस्करों को मिल रही है 15 साल तक की कठोर सजा (Strict Punishment for Drug Smugglers)
सरायपाली कोर्ट में पहले भी नियमित सुनवाई के दौरान गांजा तस्करी के करीब 15 बड़े मामलों में आरोपियों को 10 से 15 साल तक की सश्रम कारावास (Rigorous Imprisonment) और भारी जुर्माने की सजा सुनाई जा चुकी है। वहीं रायपुर के स्पेशल कोर्ट ने पिछले 4 महीनों में ही 62 मामलों का निपटारा करते हुए तस्करों को कड़ी सजा दी है। अब सरायपाली में इस नई एक्सक्लूसिव अदालत के शुरू होने से सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय ड्रग माफिया और लोकल सप्लायर्स के खिलाफ कानूनी शिकंजा और तेजी से कसेगा।