रायपुर। छत्तीसगढ़ में सूरज के तल्ख तेवरों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में पारा 43 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, जिसके चलते मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। भीषण गर्मी और लू के खतरों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी कमर कस ली है और प्रदेशभर के अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने दी तैयारियों की जानकारी
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने बताया कि प्रदेश के सभी सीएमएचओ के साथ बैठक कर मौसमी बीमारियों और लू से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी सरकारी अस्पतालों में ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही खराब पड़े पंखे, कूलर और एसी को तत्काल दुरुस्त करने को कहा गया है। लू के मरीजों के उपचार के लिए जरूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखने और मेडिकल स्टाफ को मुस्तैद रहने के आदेश दिए गए हैं।
राजनांदगांव रहा सबसे गर्म, रायपुर में भी बुरा हाल
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राजनांदगांव 43.5 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा। राजधानी रायपुर में भी पारा 43 डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। अन्य शहरों की बात करें तो बिलासपुर में 42.8, माना में 42.5 और जगदलपुर में 40 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। अंबिकापुर और पेंड्रा रोड में भी गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है।
दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर न निकलने की सलाह
बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों को देखते हुए विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि बाहर निकलते समय सिर ढक कर रखें, सूती कपड़े पहनें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी जैसे तरल पदार्थों का अधिक सेवन करने को कहा गया है ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके।