दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत से रिहा कर दिया है. पुलिस धीरे-धीरे हिरासत में लिए गए अन्य सभी राजनीतिक नेताओं को भी छोड़ रही है. इससे पहले प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को पुलिस ने बस में बैठाकर हिरासत में ले लिया था. सभी नेताओं को दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत दर्ज मामलों के बाद रिहा किया जा रहा है.
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी सीधे मंदिर मार्ग थाने पहुंच गई हैं. बताया जा रहा है कि इसी थाने में प्रियंका गांधी को हिरासत में रखकर पूछताछ की गई थी. दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस के इस प्रदर्शन को पूरी तरह से अराजकता करार दिया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के पास इस तरह का व्यवहार करना विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि अराजकता है और आज की यह घटना इतिहास का एक काला दिन है.

धरना प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज रही. राहुल गांधी से मिलने के लिए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह धरनास्थल पर पहुंचे थे. उन्होंने बातचीत के बाद बताया कि सरकार पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन राहुल गांधी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की अपनी मांग पर अड़े रहे. मंत्रियों और अधिकारियों की गृहमंत्री अमित शाह के साथ उच्च स्तर की बैठक भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने अंततः सभी नेताओं को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी. इस घटना के बाद से राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक हलचल दोनों ही काफी बढ़ गई हैं.