रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में एक बार फिर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों और यहां की प्रेरणादायक कहानियों की गूंज सुनाई दी। कार्यक्रम के ताजा संस्करण में जशपुर जिले के युवा धावक अनिमेष कुजूर का उल्लेख पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बन गया। प्रधानमंत्री ने अनिमेष कुजूर से सीधे संवाद करते हुए उनके संघर्ष, मेहनत और उपलब्धियों की सराहना की तथा उन्हें देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बताया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में रांची में आयोजित राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 100 मीटर दौड़ में एथलीट गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने दोनों खिलाड़ियों के खेल सफर, उनके सामने आई चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। जशपुर के अनिमेष कुजूर की उपलब्धि ने न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।
यह पहला अवसर नहीं है जब ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ की चर्चा हुई हो। प्रधानमंत्री मोदी समय-समय पर राज्य की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संपदा और जनभागीदारी से जुड़े प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाते रहे हैं। इससे पहले उन्होंने बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाले मल्हार में मिले लगभग 1500 वर्ष पुराने प्राचीन ताम्रपत्रों का उल्लेख कर राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को देश के सामने रखा था।
इसी तरह छत्तीसगढ़ में विलुप्तप्राय काले हिरणों के संरक्षण और उनकी बढ़ती संख्या को लेकर किए गए प्रयासों की भी प्रधानमंत्री ने सराहना की थी। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बचाने की दिशा में एक सफल उदाहरण बताया था।
‘मन की बात’ में रायगढ़ का भी विशेष उल्लेख हो चुका है। प्रधानमंत्री ने देश के पहले मिलेट कैफे की चर्चा करते हुए कहा था कि यह न केवल मोटे अनाज को बढ़ावा देने का अनूठा प्रयास है, बल्कि महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का भी माध्यम बन रहा है। उन्होंने लोगों से रायगढ़ जाने पर रागी, कोदो और कुटकी से बने व्यंजनों का स्वाद लेने की अपील भी की थी।
बस्तर का विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात भी प्रधानमंत्री की चर्चा का हिस्सा रह चुका है। छत्तीसगढ़ के ‘नियाग्रा’ के रूप में पहचाने जाने वाले इस जलप्रपात की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन संभावनाओं का उल्लेख कर उन्होंने राज्य की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत किया था।
इसके अलावा स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण, तालाबों के पुनरुद्धार और सामुदायिक भागीदारी से जुड़े अनेक स्थानीय प्रयासों को भी प्रधानमंत्री समय-समय पर ‘मन की बात’ में सराहते रहे हैं। ताजा कार्यक्रम में अनिमेष कुजूर का उल्लेख इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ अब केवल अपनी प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि खेल, नवाचार और जनसहभागिता के क्षेत्र में भी देश के सामने एक नई पहचान बना रहा है।