कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक ऐसी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है जिसने आधुनिकता के दिखावे को पीछे छोड़कर समाज को परंपराओं की ओर लौटने का संदेश दिया है। नरहरपुर ब्लॉक के ग्राम चवाड़ निवासी कचरू सलाम ने अपनी बारात के लिए महंगी गाड़ियों के बजाय बैलगाड़ी को चुना। दूल्हा और बाराती 2 से 3 बैलगाड़ियों में सवार होकर करीब 7 किलोमीटर का सफर तय करते हुए ग्राम ढेकूना पहुंचे। रास्ते भर ग्रामीणों ने इस अनूठी और परंपरागत बारात का जोरदार स्वागत किया जिसे देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
आधुनिक दौर में देसी अंदाज में निकली इस बारात ने जहां बुजुर्गों को पुराने दिनों की याद दिला दी वहीं युवाओं के बीच भी यह कौतूहल और आकर्षण का केंद्र बनी रही। दूल्हे कचरू सलाम का मानना है कि बैलगाड़ी से बारात निकालना न केवल उनकी संस्कृति को जीवित रखता है बल्कि शादी के फिजूलखर्च से भी बचाता है। उन्होंने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और पूर्वजों की गौरवशाली परंपराओं से जोड़कर रखना है। सोशल मीडिया पर भी इस सादगी भरी शादी की जमकर सराहना की जा रही है।