तखतपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तखतपुर इलाके से जालसाजी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ खुद को बड़ा डॉक्टर बताकर लोगों के हर तरह के दर्द का इलाज करने का दावा करने वाले उत्तर प्रदेश के दो युवकों को स्थानीय लोगों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। बिना किसी वैध डिग्री और कागजात के लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे इन दोनों फर्जी डॉक्टरों को ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले कर दिया है। तखतपुर पुलिस अब दोनों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
शक होने पर स्थानीय युवाओं ने घेरा, नहीं दिखा पाए डिग्री
मिली जानकारी के मुताबिक, तखतपुर के स्थानीय युवाओं को पिछले कुछ दिनों से खबर मिल रही थी कि बाहर से आए कुछ अनजान लोग इलाके में बिना किसी वैध डिग्री के क्लिनिक खोलकर बैठे हैं। वे लोगों का इलाज करने का ढोंग कर रहे हैं। इस सूचना पर सजग स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और वहाँ मौजूद युवकों से उनकी डॉक्टरी की डिग्री और दस्तावेज दिखाने को कहा।
घबराए युवकों ने खुद को आयुर्वेदिक इलाज से जुड़ा हुआ बताया और पकड़े जाने के डर से अपने एक दूर के रिश्तेदार को असली डॉक्टर बताने लगे। लेकिन जब युवाओं ने कड़ाई से पूछताछ की, तो वे अपने खुद के कोई भी वैध दस्तावेज या पहचान पत्र नहीं दिखा पाए।
कमरे की तलाशी में खुला राज, एक साथी हुआ फरार
पूरा मामला संदिग्ध लगने पर स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत तखतपुर पुलिस को फोन घुमाया। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जब पुलिस ने उस कमरे की बारीकी से तलाशी ली, तो वहाँ का नजारा देखकर सब हैरान रह गए। कमरे के अंदर बड़ी मात्रा में एलोपैथिक (अंग्रेजी) दवाइयां, इंजेक्शन और कुछ संदिग्ध आयुर्वेदिक चूर्ण बरामद हुए। बताया जा रहा है कि पुलिस की गाड़ी पहुंचने से ठीक पहले ही इन कथित डॉक्टरों का एक मुख्य साथी मौका पाकर वहाँ से रफूचक्कर हो गया।
नाम बदलकर कर रहे थे खेल, सख्त कार्रवाई की मांग
पुलिस दोनों आरोपियों को पकड़कर सीधे थाने ले आई है। थाने में हुई शुरुआती पूछताछ में युवकों ने अपना नाम मोहम्मद हकीम अकबर और मोहम्मद जैद बताया है। दोनों उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। फिलहाल पुलिस फर्जीवाड़े और ड्रग्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है। वहीं, स्थानीय लोगों ने दोनों जालसाजों के खिलाफ झूठा प्रचार करने, लोगों को भ्रमित करने और जनता की जान से खिलवाड़ करने के आरोप में सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है।