नई दिल्ली। देश में मौसम को लेकर दो बड़ी और बिल्कुल अलग खबरें सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां मानसून को लेकर अच्छी खबर है, वहीं दूसरी तरफ ‘सुपर अल नीनो’ का खतरा भी मंडराने लगा है। मौसम विभाग की मानें तो इस बार मानसून अपने तय समय से 4 दिन पहले ही, यानी 26 मई को केरल में दस्तक दे सकता है। लेकिन अमेरिकी मौसम एजेंसी ‘नोआ’ ने एक डराने वाली चेतावनी दी है। एजेंसी के मुताबिक इस साल ‘सुपर अल नीनो’ का आना लगभग तय है, जिससे कमजोर बारिश, सूखे और भयंकर लू (हीटवेव) के हालात बन सकते हैं।
क्या है अल नीनो और भारत पर इसका असर?
सीधी भाषा में समझें तो अल नीनो मौसम से जुड़ी एक ऐसी घटना है, जो प्रशांत महासागर का पानी जरूरत से ज्यादा गर्म होने की वजह से होती है। पानी गर्म होने से मानसूनी हवाएं अपनी दिशा बदल लेती हैं। इसका सबसे बुरा असर भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों पर पड़ता है। इसके चलते देश में बारिश बहुत कम होती है और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ती है।
केरल में 26 मई को एंट्री, जानिए आपके राज्य में कब पहुंचेगा मानसून
आमतौर पर भारत में मानसून 1 जून को केरल के रास्ते एंट्री लेता है। लेकिन इस बार यह जल्दी आ रहा है, इसलिए बाकी राज्यों में भी इसके तय समय से पहले पहुंचने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश में मानसून 12 जून तक पहुंच सकता है। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 18 जून, राजस्थान में 20 जून और बिहार में 8 से 10 जून के बीच झमाझम बारिश शुरू होने की संभावना जताई गई है।
आज 5 राज्यों में भीषण लू का अलर्ट, रात में भी चलेगी गर्म हवा
एक तरफ मानसून की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ सूरज की तपिश लोगों को झुलसा रही है। मौसम विभाग ने आज राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड और विदर्भ में भीषण हीटवेव (लू) का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों के कई जिलों में पारा 46°C से 47°C के बीच पहुंच सकता है। बड़ी बात यह है कि मध्य प्रदेश और विदर्भ में तो आज रात के समय भी लू चलने की चेतावनी दी गई है, यानी रात में भी कोई राहत नहीं मिलेगी।
भोपाल में पिघला डामर, फलौदी और अमरावती में पारा 45 पार
गर्मी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को महाराष्ट्र के अमरावती में पारा 45.6°C दर्ज किया गया। वहीं राजस्थान का फलौदी भी 44.8°C के साथ बुरी तरह तपा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में तो तापमान 42°C के पार जाते ही सड़कों पर बिछा डामर तक पिघलने लगा। दोपहर के वक्त सड़कों पर निकलना मुश्किल हो चुका है।