इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से आज एक बेहद डरावनी खबर सामने आई है। यहाँ के नवदापंथ इलाके में स्थित एक प्लास्टिक उत्पाद बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भयानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि आसमान में धुएं का काला गुबार छा गया। फैक्ट्री से उठती आग की लपटों को देखकर पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं।
फैक्ट्री तक जाने का रास्ता नहीं, दीवार तोड़कर घुसे दमकलकर्मी
प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी इस भीषण आग को बुझाने में फायर ब्रिगेड की टीम को पसीने छूट गए। दमकल विभाग के सब-इंस्पेक्टर संतोष दुबे ने ग्राउंड जीरो से जानकारी देते हुए बताया कि फैक्ट्री तक पहुंचने के लिए कोई सीधा और चौड़ा रास्ता ही नहीं था।
संकरी जगह होने के कारण दमकल की गाड़ियों को अंदर ले जाने में भारी दिक्कत आ रही थी। इसके बाद दमकल कर्मियों ने सूझबूझ दिखाई और फैक्ट्री की एक बाहरी दीवार को क्रेन की मदद से तोड़ दिया। दीवार ढहाने के बाद ही दमकल की गाड़ियाँ अंदर घुस पाईं और आग बुझाने का काम सही ढंग से शुरू हो सका।
25 टैंकरों और 7 गाड़ियों ने मिलकर पाया काबू
चूंकि यह प्लास्टिक का कारखाना था, इसलिए अंदर भारी मात्रा में ज्वलनशील केमिकल और प्लास्टिक का दाना रखा हुआ था। इस वजह से आग चंद मिनटों में पूरी फैक्ट्री में फैल गई। सब-इंस्पेक्टर संतोष दुबे के मुताबिक, हालात को काबू में करने के लिए दमकल की 6 से 7 गाड़ियों को तुरंत मोर्चे पर लगाया गया।
पानी की कमी न हो, इसके लिए नगर निगम और निजी ऑपरेटरों के करीब 25 पानी के टैंकरों को भी लाइन से खड़ा किया गया। दमकल कर्मियों की घंटों की भारी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है।
कोई हताहत नहीं, जांच में जुटी पुलिस
इस पूरे हादसे में सबसे बड़ी और राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी लोग बाहर निकल आए थे। अभी तक इस घटना में किसी के भी हताहत या घायल होने की कोई खबर नहीं है। हालांकि, फैक्ट्री के भीतर रखा लाखों रुपये का सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया है। आग लगने की असली वजह शॉर्ट सर्किट है या कुछ और, पुलिस और प्रशासन इसकी बारीकी से जांच कर रहे हैं।