नई दिल्ली। देश में नशे की तस्करी का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब तस्कर जमीन ही नहीं, आसमान का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में करीब 100 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से जारी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल ड्रोन से तस्करी के 305 मामले सामने आए। इन मामलों में 468 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ जब्त किए गए।
सबसे ज्यादा 298 मामले पंजाब से जुड़े हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत-पाकिस्तान सीमा के रास्ते ड्रोन के जरिए बड़ी मात्रा में हेरोइन और अन्य खतरनाक नशीले पदार्थ भारत भेजे जा रहे हैं।
2021 के मुकाबले 100 गुना बढ़े मामले
रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2021 में ड्रोन से तस्करी के केवल तीन मामले दर्ज हुए थे। वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 305 पहुंच गई। यानी चार-पांच वर्षों में मामलों में लगभग 100 गुना बढ़ोतरी हुई है।
इसी अवधि में दवाओं के गलत इस्तेमाल और अवैध सप्लाई के मामलों में भी 77 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस साल देशभर में 2.37 लाख किलोग्राम से ज्यादा नशीले पदार्थ जब्त किए गए।
पंजाब में बढ़ा दवाओं का भी अवैध कारोबार
रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में कोडीन युक्त कफ सिरप की करीब 8.95 लाख बोतलें जब्त की गईं। इसके अलावा ट्रामाडोल, ब्यूप्रेनॉर्फिन और अल्प्राजोलम जैसी दवाओं की अवैध सप्लाई भी बड़े पैमाने पर पकड़ी गई है।
डाक और कूरियर से भी जारी तस्करी
सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के बावजूद डाक और कूरियर सेवाओं के जरिए भी नशे की तस्करी जारी है। इस माध्यम से 174 मामलों में करीब 972 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए गए।
अवैध फैक्ट्रियों पर बड़ी कार्रवाई
जांच एजेंसियों ने पिछले तीन वर्षों की तुलना में सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 अवैध नशीले पदार्थ बनाने वाली फैक्ट्रियों को नष्ट किया। इस दौरान 102 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश में ऐसी कई फैक्ट्रियां चल रही थीं, जहां मेफेड्रोन, एफेड्रिन और अन्य प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक गोलियां बनाई जा रही थीं।
747 विदेशी नागरिक गिरफ्तार, 836 करोड़ की संपत्ति जब्त
ड्रग तस्करी के मामलों में इस साल 747 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। इनमें सबसे अधिक 203 नेपाल, 146 नाइजीरिया और 97 म्यांमार के नागरिक शामिल हैं।
जांच एजेंसियों ने सिर्फ तस्करों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि उनके आर्थिक नेटवर्क पर भी शिकंजा कसा। रिपोर्ट के मुताबिक, 1,356 वित्तीय जांच के मामलों में करीब 836 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई, जो पिछले वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक है।