चारामा (उत्तर बस्तर कांकेर)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए कल यानी रविवार, 28 जून 2026 से तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत होने जा रही है। चारामा विकासखंड में इस अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी कमर कस ली है। इस बार क्षेत्र के 0 से 5 वर्ष तक के कुल 7,030 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
114 पोलियो बूथ तैयार, सार्वजनिक जगहों पर भी व्यवस्था
खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. ओपी संक्वार ने बताया कि विकासखंड में कुल 114 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। बच्चों को दवा पिलाने के लिए स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक व उप स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी केंद्रों को बूथ बनाया गया है। इसके साथ ही, कोई भी बच्चा दवा से वंचित न रहे, इसलिए बस स्टैंड, नाका और अन्य प्रमुख सार्वजनिक जगहों पर भी विशेष बूथों की व्यवस्था की गई है।
सुबह 8:00 से शाम 4:00 बजे तक चलेगा अभियान
कल रविवार को बूथों पर दवा पिलाने का समय सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक रहेगा। इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अमले के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भी ड्यूटी लगाई गई है।
छूटे बच्चों के लिए चलेगा ‘डोर-टू-डोर’ अभियान
जो बच्चे किसी कारणवश पहले दिन (28 जून) बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे, उन्हें पोलियो की खुराक देने के लिए 29 और 30 जून को मैदानी कर्मचारी और स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर (डोर-टू-डोर) जाकर बच्चों को दवा पिलाएगी।
BMO डॉ. ओपी संक्वार की अपील
“0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो बूथ पर ले जाकर दवा अवश्य पिलाएं। यदि बच्चा थोड़ा अस्वस्थ भी है, तब भी यह खुराक पूरी तरह सुरक्षित है। अपने बच्चों के साथ-साथ आसपास के बच्चों को भी केंद्र तक लाएं ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा चक्र से न छूटे।” — डॉ. ओपी संक्वार, BMO, चारामा
मुख्य नारा: “सुरक्षा का चक्र टूटने न पाए, 0 से 5 वर्ष का कोई बच्चा छूटने न पाए!”
विशेष रिपोर्ट: अनूप वर्मा (संवाददाता, आज की जनधारा, चारामा)