हनीमून मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम की जमानत बरकरार

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर के मशहूर ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक नया मोड़ आया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की मुख्य आरोपी और मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कहा कि उन्हें हाई कोर्ट के इस फैसले पर कुछ आपत्तियां जरूर हैं, लेकिन चूंकि आरोपी महिला पहले ही जेल से बाहर आ चुकी है, इसलिए फिलहाल उसकी जमानत पर रोक नहीं लगाई जाएगी। हालांकि, इसके साथ ही अदालत ने हाई कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देने वाली मेघालय सरकार की याचिका को स्वीकार करते हुए सोनम को नोटिस जारी कर दिया है।

मर्डर केस में टाइपिंग की गलती का फायदा

अदालत की इस विशेष बेंच के सामने मेघालय सरकार की तरफ से देश के बड़े वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट को बताया कि यह कोई साधारण अपराध नहीं बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ किया गया मर्डर है। सोनम ने अपने 4 साथियों के साथ मिलकर अपने ही पति राजा रघुवंशी की बेरहमी से हत्या की और फिर सबूत मिटाने के लिए शव को गहरी खाई में फेंक दिया। वारदात के बाद वह मौके से भाग निकली थी, जिसे बाद में उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था। सरकारी वकील ने दलील दी कि गिरफ्तारी के कागजात तैयार करते समय हत्या की कानूनी धारा 103 की जगह टाइपिंग की गलती के कारण धारा 403 लिख गई थी। हाई कोर्ट ने इसी लिखने की भूल यानी टाइपो एरर को आधार बनाकर आरोपी को जमानत दे दी, जो कि कानूनन सही नहीं है।

अदालत ने आरोपी के वकील से पूछे तीखे सवाल

सुनवाई के दौरान जज ने सोनम के वकील से कड़े सवाल पूछे। अदालत ने जानना चाहा कि जब गिरफ्तारी की पूरी वजह शुरू में ही साफ कर दी गई थी, तो शुरुआती जमानत याचिकाओं में इस लिखने की गलती का मुद्दा क्यों नहीं उठाया गया। अचानक इस तकनीकी बात को आधार बनाकर जमानत कैसे मांग ली गई। कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या सिर्फ एक सरकारी कागज पर गलत धारा लिख जाने के कारण इतनी बड़ी हत्या की आरोपी को जमानत देना हाई कोर्ट का सही फैसला था। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि अगर आरोपी महिला अभी जेल के अंदर होती, तो वे तुरंत उसकी जमानत पर रोक लगा देते। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को कानून के मुताबिक आगे की उचित कार्रवाई करने की पूरी छूट दे दी है।

हनीमून की आड़ में लिखा गया मौत का खेल

इस पूरे मर्डर केस की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है। 11 मई 2025 को इंदौर के बड़े कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी सोनम से हुई थी। शादी की खुशियां मनाने के लिए दोनों कुछ ही दिनों बाद हनीमून पर मेघालय गए थे। वहां पहुंचने के बाद 23 मई 2025 को दोनों अचानक रहस्यमयी ढंग से गायब हो गए। परिवार की चिंता बढ़ने पर पुलिस ने उनकी खोजबीन शुरू की। करीब 10 दिन बाद 3 जून 2025 को मेघालय की एक बेहद गहरी खाई से राजा रघुवंशी का सड़ा-गला शव बरामद हुआ।

पत्नी ही निकली पति की जान की दुश्मन

शव मिलने के बाद जब मेघालय पुलिस और जांच एजेंसियों ने मामले की कड़ियां जोड़ीं, तो हनीमून की आड़ में रची गई इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ। पुलिस की गहरी तफ्तीश में सामने आया कि राजा की मौत कोई हादसा नहीं थी, बल्कि उनकी पत्नी सोनम ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले में शामिल अन्य मददगारों को भी दबोच लिया था। इसके बाद सोनम को मुख्य आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया था, जो इस समय तकनीकी खामी का फायदा उठाकर जेल से बाहर घूम रही है।

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