पहाड़ों पर मानसून की पहली आफत: किन्नौर में मलबे में फंसी गाड़ियां, लाहौल में लोडर पर लादकर पार कराई बीमार महिला

शिमला। हिमाचल प्रदेश के आदिवासी इलाकों में मानसून की शुरुआत के साथ ही मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। किन्नौर जिले में कल रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। चोलिंग के पास पहाड़ से आए मलबे और कीचड़ के कारण नेशनल हाईवे पांच पूरी तरह से बंद हो गया है।

कीचड़ में धंस गईं कई गाड़ियां

बाढ़ का बहाव इतना तेज था कि सड़क पर चल रहे कई वाहन अचानक आए मलबे और दलदल के बीच फंस गए। गनीमत यह रही कि इस अचानक आई आफत में किसी की जान नहीं गई और सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है। प्रशासन ने बताया कि रास्ते को साफ करने और फंसी हुई गाड़ियों को बाहर निकालने के लिए बड़ी क्रेन और खुदाई करने वाली मशीनें लगा दी गई हैं। बंद पड़े मुख्य रास्ते को जल्द से जल्द खोलने की कोशिश की जा रही है।

उफनते नाले के बीच लोडर पर जिंदगी

दूसरी तरफ लाहौल स्पीति के जाहलमा नाले में आई बाढ़ से पुल टूट गया है जिससे लोगों की परेशानी बहुत बढ़ गई है। सड़क बनाने वाली संस्था ने एक अस्थाई पुलिया बनाई थी, वह भी पानी के तेज बहाव में बह गई है। इस वजह से उदयपुर इलाके का संपर्क पूरी तरह कट गया है। इसी बीच शेनुर गांव की रहने वाली एक बीमार महिला शांति देवी को छाती में इंफेक्शन और सांस की तकलीफ के कारण कुल्लू अस्पताल के लिए भेजा गया था। जब एंबुलेंस नाले के पास पहुंची, तो वहां पानी का स्तर बहुत ज्यादा था।

मशीन के अगले हिस्से में रखकर पार कराया नाला

तबीयत बिगड़ती देख पुलिस और जवानों ने सूझबूझ दिखाई। उन्होंने बीमार महिला को स्ट्रेचर समेत खुदाई करने वाली मशीन यानी लोडर के आगे वाले हिस्से में सुरक्षित बिठाया और उफनते नाले को पार कराया। नाला पार करने के बाद महिला को कुल्लू अस्पताल पहुंचाया गया, जहां अब उनकी हालत में सुधार है। राहत की बात यह है कि गुरुवार सुबह नाले पर दोबारा अस्थाई पुल बनाकर गाड़ियों की आवाजाही शुरू कर दी गई है। स्थानीय विधायक ने बताया कि इस महीने के आखिर तक यहां नया पक्का पुल बनकर तैयार हो जाएगा।

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *