Ahmedabad Crime Branch Action: अहमदाबाद में अवैध घुसपैठ पर बड़ा एक्शन; 300 संदिग्ध हिरासत में, 166 बांग्लादेशी नागरिक मिले

Ahmedabad Illegal Immigrants Row: गुजरात के अहमदाबाद से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच (Ahmedabad Crime Branch) ने शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शहर के अलग-अलग इलाकों में एक साथ छापेमारी करके 300 से ज्यादा संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच और कागजातों की कड़ाई से पड़ताल करने के बाद इनमें से 166 लोग मूल रूप से बांग्लादेशी पाए गए हैं। बाकी बचे संदिग्धों के दस्तावेजों की भी गहनता से जांच की जा रही है।

आधी रात को पुलिस ने घेरे 3 इलाके, मच गया हड़कंप

स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 2 जून की रात को अहमदाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मिलकर एक बड़ा गुप्त सर्च ऑपरेशन (midnight search operation) चलाया। इस दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर के चंडोला, गुलाबनगर और खोडियारनगर (Chandola and Khodiyarnagar area) इलाकों को चारों तरफ से घेर लिया। अचानक हुई इस छापेमारी से इन इलाकों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने जिन भी लोगों को हिरासत में लिया है, उन्हें सुरक्षा के लिहाज से क्राइम ब्रांच के मुख्यालय (Crime Branch campus Ahmedabad) में रखा गया है।

चंडोला छोड़ पूरे शहर में फैले घुसपैठिए; पुलिस का महाअभियान जारी

क्राइम ब्रांच के बड़े अधिकारियों का कहना है कि चंडोला इलाके में पुलिस की लगातार सख्ती की वजह से इन अवैध प्रवासियों ने अब अपना पैंतरा बदल लिया है। पकड़े जाने के डर से ये लोग अब एक जगह टिक कर नहीं रह रहे हैं। ये घुसपैठिए अपनी पहचान छिपाकर शहर के अलग-अलग कोनों में किराए के मकानों, झुग्गी-झोपड़ियों, होटलों और फैक्ट्रियों के लेबर क्वार्टरों (rented houses and labor quarters) में रहने लगे हैं। यही वजह है कि पुलिस अब किसी एक इलाके पर फोकस न करके पूरे अहमदाबाद शहर में एक साथ तलाशी अभियान (citywide crackdown) चला रही है। अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कार्रवाई अभी कई दिनों तक लगातार चलने वाली है।

दलालों और मोबाइल ऐप्स के जरिए बांग्लादेश भेजे जा रहे थे पैसे

पूछताछ के दौरान पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने कबूल किया है कि वे भारत में रहकर जो भी कमाई करते थे, उसे कैश के रूप में दलालों के जरिए बांग्लादेश में मौजूद अपने परिवारों को भेजते थे। पैसे भेजने का रूट बेहद शातिर था; पहले रकम को कोलकाता भेजा जाता था और फिर वहां से सीमा पार बांग्लादेश पहुंचाया जाता था। इसके अलावा कुछ संदिग्ध मोबाइल एप्लिकेशन (illegal मनी ट्रांसफर ऐप्स) के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। साइबर क्राइम की टीमें अब इन सभी के मोबाइल खंगालने और दलालों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुट गई हैं।

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