भानुप्रतापपुर (कांकेर)। आम आदमी पार्टी (आप) छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव हरेश चक्रधारी ने ग्राम पंचायत परेकोडो में गोदावरी माइंस को “वेस्ट डंपिंग” के लिए दी गई जमीन की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे नियमों का खुला उल्लंघन बताया है। पार्टी ने इस पूरे मामले में जिला प्रशासन और कंपनी के बीच कथित सांठगांठ का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
आप द्वारा जारी शिकायत के अनुसार, ग्राम परेकोडो के खसरा क्रमांक 188/1, 247/1 और 247/2, जिनका कुल क्षेत्रफल लगभग 60.84 हेक्टेयर है, में वृक्ष गणना प्रक्रिया में भारी अनियमितता बरती गई है। आरोप है कि तीनों अलग-अलग खसरों की गणना पृथक-पृथक करने के बजाय उन्हें एक साथ जोड़कर (क्लबिंग) रिपोर्ट तैयार की गई, जो नियमों के विरुद्ध है। इससे क्षेत्र में मौजूद वास्तविक वनस्पति घनत्व को छुपाने का प्रयास किया गया है।
सर्वेक्षण में इस क्षेत्र में कुल 11,984 वृक्षों की मौजूदगी दर्ज की गई है, जो इसे पर्यावरणीय रूप से अत्यंत संवेदनशील बनाती है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के टी.एन. गोदावर्मन प्रकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भूमि को ‘वन’ घोषित करने के लिए केवल राजस्व रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि उसके वास्तविक भौतिक स्वरूप को भी आधार बनाया जाना चाहिए।
हरेश चक्रधारी ने आरोप लगाया कि संयुक्त वृक्ष गणना के माध्यम से घने वृक्षों वाले हिस्सों की वास्तविक स्थिति को जानबूझकर छुपाया गया है, ताकि गोदावरी माइंस को वेस्ट डंपिंग की अनुमति आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि यह न केवल पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों और प्राकृतिक संसाधनों के साथ अन्याय भी है।
पार्टी ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों और संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक उक्त भूमि पर किसी भी प्रकार की वेस्ट डंपिंग गतिविधि पर तत्काल रोक लगाई जाए।