नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को लोकसभा में देश का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया। सर्वे में आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक वृद्धि दर 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान जताया गया है। रिपोर्ट में महंगाई, रोजगार, कृषि, सरकारी वित्त और निर्यात की स्थिति को लेकर भी अहम आंकड़े सामने आए हैं।
सर्वे के अनुसार, वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 में विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है।
महंगाई को लेकर सर्वे में कहा गया है कि यह आरबीआई के तय लक्ष्य के दायरे में बनी रहेगी। बेहतर खरीफ उत्पादन और रबी फसल की स्थिति को देखते हुए महंगाई दर में नियंत्रण बना हुआ है। आरबीआई का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआती दो तिमाहियों में महंगाई करीब 4 प्रतिशत के आसपास रह सकती है।
रोजगार के मोर्चे पर सर्वे में सकारात्मक संकेत मिले हैं। अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच करीब 8.7 लाख नई नौकरियां सृजित हुईं। इंडस्ट्रियल और सर्विस सेक्टर में भर्तियों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गिग वर्क भी तेजी से उभरता आय का स्रोत बन रहा है।
कृषि क्षेत्र में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 3.1 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। 2024-25 में अनाज उत्पादन रिकॉर्ड 3,320 लाख टन तक पहुंचा, जिससे महंगाई पर नियंत्रण में मदद मिली। सरकार अब किसानों की आय बढ़ाने और भंडारण सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
सरकारी वित्त की स्थिति पर सर्वे में बताया गया कि केंद्र सरकार ने राजकोषीय घाटा घटाने के लक्ष्य को समय से पहले हासिल कर लिया है। वित्त वर्ष 2024-25 में यह जीडीपी का 4.8 प्रतिशत रहा, जबकि अगले वर्ष के लिए 4.4 प्रतिशत का लक्ष्य तय किया गया है।
विदेशी मुद्रा भंडार 2024-25 में बढ़कर 701 अरब डॉलर पहुंच गया है, जिससे रुपये को मजबूती मिली है।
निर्यात के क्षेत्र में भी भारत ने नया रिकॉर्ड बनाया है। वित्त वर्ष 2024-25 में कुल निर्यात 825.3 अरब डॉलर तक पहुंचा। अमेरिका की ओर से टैरिफ बढ़ाए जाने के बावजूद वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई है। भारत ने यूरोपीय संघ सहित कई देशों के साथ व्यापार समझौते कर नए बाजारों की ओर कदम बढ़ाया है।