बिलासपुर जिले के नवगठित नगर पालिका परिषद बोदरी से एक बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया है, जहां सीएमओ प्रदीप मिश्रा की कार्यशैली को लेकर जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। आरोप है कि सीएमओ जनप्रतिनिधियों की बातों को नजरअंदाज कर अपनी मनमर्जी से काम कर रहे हैं, जिससे नगर की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

वार्ड नंबर 2 के भाजपा पार्षद और नगर उपाध्यक्ष,शिमला सुनील वर्मा ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की मूलभूत समस्याएं नल-जल, बिजली, कचरा सफाई लगातार उठाई जाती हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने सीएमओ को तीन दिनों में जवाब देने के लिए लिखित आवेदन भी दिया, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला।इस बीच शहर में उपाध्यक्ष के इस्तीफे की चर्चा भी तेज हो गई, जिस पर शिमला सुनील वर्मा ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों जगह उनकी सरकार है, संगठन ने भरोसा कर उन्हें इस पद पर बैठाया है, इसलिए इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता।

उन्होंने इन चर्चाओं को पूरी तरह निराधार बताया।सीएमओ प्रदीप मिश्रा पर ठेकेदारों से अधिक कमीशन मांगने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। वहीं नगर पालिका के प्लेसमेंट कर्मचारियों ने वेतन कटौती का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना किसी स्पष्ट कारण के उनकी तनख्वाह काटी जा रही है, जिससे वे परेशान हैं।शिमला सुनील वर्मा ने क्षेत्रीय विधायक धरमलाल कौशिक का जिक्र करते हुए कहा कि वे विकास पुरुष के रूप में जाने जाते हैं और उनके भरोसे पर ही वे इस पद पर हैं। उन्होंने कहा कि वे जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कुछ अधिकारी जनप्रतिनिधियों की भी नहीं सुन रहे हैं।फिलहाल उपाध्यक्ष प्रतिनिधि ने इस पूरे मामले की शिकायत उच्च स्तर पर करने की बात कही है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके संरक्षण में यह मनमानी चल रही है और प्रशासन कब तक इस पर कार्रवाई करता है। बोदरी की जनता अब समाधान का इंतजार कर रही है।