दुर्ग, 14 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ जीएसटी विभाग ने दुर्ग के प्रसिद्ध गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी पर प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटखा ‘सितार’ के अवैध उत्पादन और व्यापार के लिए 317 करोड़ रुपये की भारी पेनल्टी लगाई है। यह राशि पिछले पांच वर्षों (2021 से 2025) के टैक्स चोरी और पेनल्टी की गणना के आधार पर तय की गई है।
जीएसटी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गुरमुख जुमनानी ने ‘सितार’ नामक पूरी तरह प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटखा का उत्पादन और पूरे छत्तीसगढ़ में वितरण व्यवस्थित रूप से किया था। जांच में सामने आया कि यह पूरा धंधा पूर्व नियोजित था। गुरमुख के पिता द्वारा विभिन्न व्यक्तियों से किराए पर गोदाम लिए जाते थे, जहां गुटखे की पैकिंग की जाती थी। पैकिंग के बाद गुटखा बोरे में भरकर दुकानों तक सप्लाई किया जाता था। छापेमारी के दौरान पुराने किराया समझौतों से जुड़े कई दस्तावेज भी जब्त किए गए।
गुटखे की बाजार में एक पैकेट की कीमत मात्र 2 रुपये थी। गुटखे का फॉर्मूला तैयार करने वाले दीपक पांडे ने बताया कि मशीन से एक मिनट में 250 पैकेट तैयार किए जाते थे। एक दिन में औसतन 50 बोरा गुटखा बाजार में खपाया जाता था और महीने में केवल 18 दिन ही मजदूर काम करते थे।
जांच के दौरान पता चला कि जुलाई 2025 में जोरातराई और गनियारी स्थित गुरमुख की फैक्टरियों पर छापा मारा गया था, जहां केवल पैकिंग का कार्य होता था। गुटखे का रॉ मटेरियल उसके बेटे सागर जुमनानी की राजनांदगांव स्थित ‘कोमल फूड’ नामक फैक्ट्री में तैयार किया जाता था। बाद में उसी फैक्ट्री में भी जांच की गई। दोनों जगहों पर एक ही मजदूर काम करते पाए गए।
कोमल फूड फैक्ट्री सरकारी दस्तावेजों में मीठी सुपारी बनाने के लिए रजिस्टर्ड है, लेकिन वास्तव में यहां गुटखे का रॉ मटेरियल तैयार होता था। इसके बाद अन्य स्थानों पर मशीन से पैकिंग की जाती थी। मजदूरों की सप्लाई छिंदवाड़ा के लेबर कॉन्ट्रैक्टर बबलू द्वारा की जाती थी। उत्पादन मुख्य रूप से रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक किया जाता था। वर्ष 2021 से 2025 के बीच रायपुर, राजनांदगांव और दुर्ग में किराए के गोदामों के माध्यम से यह कारोबार चलाया गया।
जीएसटी विभाग की कार्रवाई के बाद खाद्य विभाग ने फैक्ट्री को बाहर से सील कर दिया था, लेकिन गुरमुख जुमनानी ने टीन शेड तोड़कर मशीन और अन्य सामान निकाल लिया। जानकारी के अनुसार, गुरमुख दो पार्टनरों के साथ मिलकर दुर्ग में शराब बॉटलिंग प्लांट शुरू करने की तैयारी में है।
पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2023 में मोहन नगर पुलिस ने गुरमुख जुमनानी और उसके रिश्तेदार जगदीश को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। वर्तमान में गुरमुख पिछले सौ दिनों से जेल में बंद है। सेशन कोर्ट ने उसकी जमानत खारिज कर दी थी। सोमवार को हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी, लेकिन मामला फरवरी 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी के बाद गुरमुख फरार हो गया था। फरारी के दौरान उसे पुलिस और खाद्य विभाग के कुछ तत्वों से सूचना लीक होने के कारण पकड़ने में लगभग दो महीने लगे। विभाग ने इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी रखी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।