कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का आज सुबह महाराष्ट्र के लातूर में निधन हो गया। 90 वर्षीय पाटिल ने सुबह करीब 6:30 बजे अपने लातूर स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से बीमार थे और घर पर ही उनका उपचार चल रहा था। उनका पूरा नाम शिवराज पाटिल चाकुरकर था।
शनिवार को होगा अंतिम संस्कार
परिवार के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार शनिवार को होने की संभावना है। उनके परिवार में बेटा शैलेश पाटिल, बहू अर्चना पाटिल—जिन्होंने पिछले वर्ष लातूर शहर से BJP के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था—और दो पोतियां हैं।
राजनीति में पांच दशक से अधिक का सफर
शिवराज पाटिल ने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित पदों की जिम्मेदारी निभाई। मराठवाड़ा के लातूर से उनका गहरा नाता रहा।
राजनीतिक करियर के प्रमुख पड़ाव:
- महाराष्ट्र के लातूर जिले में जन्म
- 1973 से 1980 तक लातूर ग्रामीण से विधायक
- 1980 से 1999 के बीच लगातार सात बार लातूर लोकसभा सीट से जीत
- पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में रक्षा मंत्री
- राजीव गांधी सरकार में नागर विमानन मंत्री
- लोकसभा स्पीकर रहते हुए संसद में आधुनिक तकनीक का उपयोग शुरू कराया
- 2008 मुंबई आतंकी हमले के दौरान देश के गृह मंत्री
- 2010 से 2015 तक पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक
देश ने खोया अनुभवी और सुसंस्कृत राजनेता
शिवराज पाटिल को भारतीय राजनीति में एक शालीन, शांत और सधे हुए नेता के रूप में जाना जाता था। उनकी लंबी राजनीतिक यात्रा ने भारतीय लोकतंत्र को कई अहम योगदान दिए।