अमलेश्वर। छत्तीसगढ़ के अमलेश्वर थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां थाना परिसर के भीतर ही जमकर हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोनू साहू के भतीजे हेमंत साहू के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने पूर्व अमलेश्वर नगरपालिका उपाध्यक्ष उमेश साहू और उनकी पत्नी अनीता साहू के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
थाना परिसर में ही शुरू हो गई हाथापाई
मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेता मोनू साहू के खिलाफ अमलेश्वर थाने में एक मामला दर्ज हुआ था। इसी सिलसिले में उनके भतीजे हेमंत साहू जमानत की कानूनी प्रक्रिया की जानकारी लेने थाने पहुंचे थे। जब हेमंत पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर रहे थे, तभी वहां निवर्तमान उपाध्यक्ष उमेश साहू, उनकी पत्नी अनीता साहू, वर्तमान उपाध्यक्ष ओमप्रकाश साहू अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए।
इशारे पर हमला: पीड़ित हेमंत का आरोप है कि उमेश साहू ने थाने में घुसते ही अपनी पत्नी को इशारा किया, जिसके बाद अनीता साहू ने उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी।
थप्पड़-मुक्कों से पिटाई: देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि हेमंत के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें थप्पड़ और मुक्कों से पीटा गया, जिससे उन्हें चोटें आई हैं।
राजनीतिक प्रतिशोध का लगाया आरोप
पीड़ित हेमंत साहू ने इस पूरी घटना को एक सोची-समझी साजिश और राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताया है। उनका कहना है:
“यह केवल एक व्यक्तिगत विवाद नहीं है। राजनीतिक प्रभाव का गलत इस्तेमाल करके मेरे परिवार और कांग्रेस नेता मोनू साहू की सामाजिक और राजनीतिक छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।”
सुरक्षित क्षेत्र में वारदात, कानून-व्यवस्था पर सवाल
थाना परिसर जैसी संवेदनशील और सुरक्षित जगह पर हुई इस मारपीट की घटना के बाद पीड़ित परिवार ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की है। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस की मौजूदगी में थाने के अंदर ही इस तरह की गुंडागर्दी होगी, तो यह सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हस्तक्षेप पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।