रायपुर। रेलवे दुर्ग से संचालित होने वाली बंद इंटरसिटी एक्सप्रेस को दोबारा शुरू करने की तैयारी में है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों से बंद पड़ी दुर्ग–जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस को नई समय सारणी के साथ पुनः चलाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इस बार ट्रेन को जगदलपुर के स्थान पर किरंदुल से शुरू करने का प्रस्ताव है।
विशाखापट्टनम डिवीजन के विभाजन के बाद नया रायगड़ा डिवीजन बनाया गया है। नया डिवीजन अपनी आय बढ़ाने के लिए कई नए विकल्पों पर काम कर रहा है। रायगड़ा डिवीजन के अंतर्गत आने वाली बस्तर क्षेत्र की रेल सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, डिवीजन का रिकॉर्ड अब अलग होगा, इसलिए आय बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने पर फोकस बढ़ गया है।
बचेली और किरंदुल की लौह अयस्क परियोजनाएं अब रायगड़ा डिवीजन के अंतर्गत आ चुकी हैं, जो उसकी आय का प्रमुख स्रोत हैं। इसके साथ ही रेलवे का उद्देश्य बस्तर क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। बैलाडीला क्षेत्र में दो निजी कंपनियों द्वारा लौह अयस्क उत्खनन शुरू होने से भी रेल राजस्व बढ़ने की संभावना है।
सूत्रों ने बताया कि दुर्ग–जगदलपुर इंटरसिटी को फिर से शुरू करने पर चर्चा इसलिए भी तेज हुई है क्योंकि बचेली, किरंदुल, भांसी, दंतेवाड़ा और गीदम के यात्रियों को फिलहाल ट्रेन यात्रा के लिए जगदलपुर तक आना पड़ता है। यदि ट्रेन किरंदुल से शुरू होती है, तो इसे पर्याप्त यात्रियों का आधार मिल सकता है।
कामलूर से बचेली के बीच लगभग 40 किलोमीटर रेल दोहरीकरण कार्य 2025 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इसी दोहरीकरण के पूर्ण होने के बाद इंटरसिटी एक्सप्रेस को किरंदुल से चलाने पर निर्णय लिए जाने की संभावना है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में आंतरिक स्तर पर व्यापक चर्चा जारी है।