नई दिल्ली। सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी मेटा ने एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने इंस्टाग्राम का विवादित फीचर बंद कर दिया है। यह नया सिस्टम यूजर्स के सार्वजनिक खातों की तस्वीरों से नई तस्वीरें बना देता था। इसके कारण लोगों की निजता को लेकर बड़ा खतरा पैदा हो गया था। पूरी दुनिया में इस नए टूल का भारी विरोध हो रहा था। इसके बाद कंपनी को पीछे हटना पड़ा।
आखिर क्यों उठाना पड़ा यह सख्त कदम?
मेटा के प्रवक्ता ने स्वीकार किया है कि यह नया प्रयोग लोगों की भावनाओं को समझने में नाकाम रहा। इस प्रणाली के तहत कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे के खाते को टैग कर सकता था। इसके बाद वह सिस्टम उस खाते की तस्वीरों का इस्तेमाल करके हूबहू वैसी ही दूसरी नकली तस्वीरें बना देता था। हॉलीवुड की बड़ी एजेंसियों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि कलाकारों की अनुमति के बिना उनके चेहरों का उपयोग गलत है।
बिना मर्जी के ही चालू हो जाता था यह सिस्टम
इस पूरे विवाद का मुख्य कारण कंपनी की एक खराब नीति थी। मेटा ने 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों के खातों पर इसे अपने आप चालू कर दिया था। इसका मतलब यह था कि जब तक आप खुद सेटिंग्स में जाकर इसे बंद नहीं करते, कोई भी आपकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर सकता था। आम लोगों से लेकर बड़े सितारों तक सभी इससे काफी असुरक्षित महसूस कर रहे थे। यही वजह है कि हर तरफ से इस फैसले का विरोध शुरू हो गया।
नकल पकड़ने वाला सिस्टम भी साबित हुआ नाकाम
इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार कंपनी का नकल पहचानने वाला वॉटरमार्क सिस्टम भी पूरी तरह फेल रहा। जब इस नए टूल से बनी तस्वीरों को थोड़ा सा काट दिया गया, तो सिस्टम उन्हें पहचान नहीं पाया। लगभग 55 प्रतिशत मामलों में यह प्रणाली असली और नकली का अंतर नहीं बता सकी।
नतीजतन इंटरनेट पर सुरक्षा को लेकर चिंताएं और ज्यादा बढ़ गई हैं। अब विशेषज्ञ कंपनी पर ज्यादा मजबूत सुरक्षा प्रणाली बनाने का दबाव डाल रहे हैं। हालांकि कंपनी आने वाले दिनों में व्हाट्सएप और फेसबुक पर कुछ अन्य नए विकल्प लाने की तैयारी में है।