नई दिल्ली। वीकेंड की छुट्टियां शुरू होते ही अक्सर लोग मनोरंजन का नया साधन तलाशने लगते हैं। हालांकि बहुत बार ढेर सारे विकल्पों के बीच सही फिल्म या सीरीज चुनना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि आपके खाली समय को मजेदार बनाने के लिए इस समय ओटीटी प्लेटफॉर्म पर एक से बढ़कर एक कहानियां मौजूद हैं। इनमें सस्पेंस, कॉमेडी और पारिवारिक रिश्तों का एक बेहतरीन कॉकटेल देखने को मिलेगा।
जासूसी और देशभक्ति का अनोखा रोमांच
अगर आपको रहस्य और खुफिया एजेंटों की कहानियां पसंद हैं, तो ‘मुखबिर – द स्टोरी ऑफ ए स्पाई’ आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है। यह सीरीज साल 1965 के भारत और पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक भारतीय खुफिया एजेंट पाकिस्तान में रहकर देश की रक्षा करता है। देशभक्ति के जज्बे से भरी यह कहानी दर्शकों को अंत तक बांधकर रखती है।
उलझनों के बीच कॉमेडी का तड़का
इस सूची में ‘परिमला एंड को’ नाम की एक तमिल फिल्म भी शामिल है। यह एक रहस्यमयी लेकिन गुदगुदाने वाली कहानी है। इसमें एक मध्यमवर्गीय परिवार अनजाने में एक हत्या के मामले में फंस जाता है। इसके बाद पुलिस की जांच के साथ शुरू होता है हंसी और उलझनों का दौर। जयराम और उर्वशी के अभिनय ने इस साधारण सी कहानी को बेहद मजेदार बना दिया है।
पत्रकारिता के मूल्यों और रिश्तों का संघर्ष
गंभीर और सामाजिक मुद्दों को पसंद करने वाले पाठकों के लिए ‘फ्रेम’ फिल्म एक बेहतरीन चुनाव है। यह कहानी दो फोटो पत्रकारों के जीवन पर आधारित है। इनमें से एक पुराना और अनुभवी पत्रकार है, जबकि दूसरा एक नया और संवेदनशील लड़का है। एक बड़े भूकंप की आपदा के बाद दोनों की सोच में बड़ा टकराव होता है। यह फिल्म इंसानियत और पत्रकारिता के बीच के संघर्ष को गहराई से उजागर करती है।
हल्की-फुल्की मर्डर मिस्ट्री और बेहतरीन टाइमिंग
कॉमेडी के शौकीनों के लिए ‘डिटेक्टिव शेरदिल’ फिल्म काफी मनोरंजक साबित हो सकती है। विदेश में हुए एक बड़े बिजनेसमैन के मर्डर केस को सुलझाने के लिए डिटेक्टिव शेरदिल को बुलाया जाता है। दिलजीत दोसांझ ने अपने अनोखे और मजाकिया अंदाज से इस जासूसी कहानी में जान डाल दी है। बिना ज्यादा दिमाग लगाए हंसने के लिए यह एक शानदार विकल्प है।
भाई-बहनों का प्यार और पारिवारिक ड्रामा
मशहूर वेब सीरीज ‘ट्रिप्लिंग’ का तीसरा सीजन भी दर्शकों का पसंदीदा बना हुआ है। इस बार कहानी में तीन भाई-बहनों को पता चलता है कि उनके माता-पिता अलग होने जा रहे हैं। इसके बाद वे अपने परिवार को बचाने के लिए एक साथ आते हैं। रिश्तों की इस खट्टी-मीठी नोक-झोंक को देखकर दर्शक हंसने के साथ-साथ भावुक भी हो जाते हैं। इसलिए खाली वक्त को एंटरटेनिंग बनाना अब काफी आसान हो गया है।