रमेश गुप्ता
भिलाई के आस्था वृद्ध आश्रम में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। भिलाई के सेक्टर-2 स्थित इस आश्रम में एक युवक करीब 75 वर्षीय वृद्ध महिला को लेकर पहुंचा। युवक ने आश्रम के संचालक प्रकाश गेडाम से कहा कि यह महिला उसे सड़क पर लावारिस हालत में मिली है और वह इसे आश्रम में छोड़ना चाहता है।
युवक का झूठ और आश्रम की संवेदनशीलता
आश्रम प्रबंधन ने स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए युवक को दुर्ग स्थित शासकीय आश्रम जाने की सलाह दी। युवक वहां से जाने का बहाना बनाकर निकला, लेकिन वह वापस नहीं लौटा और महिला को आश्रम के गेट पर ही छोड़ गया। वृद्ध महिला बेहद कमजोर थी और चलने-फिरने में भी असमर्थ थी। आश्रम प्रबंधन ने मानवीय आधार पर उन्हें तुरंत सहारा दिया।
सफाई के दौरान खुला दर्दनाक सच
अगले दिन जब आश्रम के सेवकों ने महिला को स्नान कराया और उनकी देखभाल की, तब उनकी हालत देखकर सभी के आंसू निकल आए। उनके शरीर से तेज दुर्गंध आ रही थी, जिससे साफ था कि उन्हें कई दिनों से ठीक से रखा नहीं गया था। जब महिला से उस युवक के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने रोते हुए बताया कि वह कोई राहगीर नहीं, बल्कि उनका अपना सगा बेटा है। उन्होंने यह भी बताया कि उनका बेटा शराब पीने का आदी है और इसी वजह से उसने उन्हें बेसहारा छोड़ दिया।

आश्रम बन रहा है अब सहारा
वर्तमान में महिला आस्था वृद्ध आश्रम में ही भर्ती हैं। उनकी शारीरिक स्थिति अभी भी बहुत कमजोर है और उन्हें बिस्तर पर ही विशेष देखभाल की जरूरत है। आश्रम के कार्यकर्ता पूरी निष्ठा के साथ उनकी सेवा और खान-पान का ध्यान रख रहे हैं। आश्रम संचालक प्रकाश गेडाम का कहना है कि यह दुखद है कि कोई अपनी मां के साथ ऐसा व्यवहार कर सकता है। उन्होंने कहा कि हम इसे सेवा का अवसर मानकर पूरी जिम्मेदारी निभाएंगे।