नई दिल्ली। भारत और इजरायल के बीच पिछले साल साइन हुआ ऐतिहासिक द्विपक्षीय निवेश समझौता शनिवार से आधिकारिक रूप से पूरी दुनिया में लागू हो गया है। इस बड़े समझौते को दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को एक नए मुकाम पर ले जाने वाला माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे निवेशकों के लिए एक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद माहौल तैयार होगा। वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में एक बयान जारी कर बताया कि यह समझौता जहां एक तरफ विदेशी निवेश को पूरी सुरक्षा देगा, वहीं दूसरी तरफ सरकार को जनता के हित में बड़े फैसले लेने की पूरी आजादी भी देगा।
निवेशकों को मिलेगी कानूनी सुरक्षा और सही मुआवजा
इस समझौते के तहत दोनों देशों के निवेशकों को कई बड़ी सुविधाएं और सुरक्षा दी गई हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर किसी निवेशक को व्यापार में कोई नुकसान होता है, तो उसे उचित मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा बिजनेस से जुड़े धन के सुचारु हस्तांतरण यानी पैसों के लेन-देन को बेहद आसान और पारदर्शी बनाया गया है। अगर दोनों देशों के व्यापारियों के बीच कोई विवाद होता है, तो उसे सुलझाने के लिए एक स्वतंत्र मध्यस्थता यानी कोर्ट से बाहर आपसी सहमति से विवाद निपटाने की विशेष व्यवस्था भी की गई है। इससे कंपनियों को कानूनी चक्करों से मुक्ति मिलेगी और उनका काम आसान हो जाएगा।
80 करोड़ डॉलर के इस बड़े कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
दोनों देशों के बीच 8 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इजरायल के वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। आंकड़ों के मुताबिक इस समय भारत और इजरायल के बीच कुल द्विपक्षीय निवेश यानी आपसी व्यापार लगभग 80 करोड़ डॉलर का है। इस नए कानून के लागू होने के बाद आने वाले सालों में इस आंकड़े में बहुत बड़ी बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे दोनों देशों की कंपनियों और वहां की अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा पहुंचेगा।
इन नए क्षेत्रों में भी मिलकर काम करेंगे दोनों देश
समझौते के दौरान दोनों देशों के वित्त मंत्रियों ने केवल जमीन या फैक्ट्रियों में निवेश ही नहीं, बल्कि कई आधुनिक क्षेत्रों में भी साथ काम करने की बात कही थी। आने वाले समय में दोनों देश फिनटेक नवाचार यानी बैंकिंग और पैसों के लेन-देन से जुड़ी नई तकनीकों, बुनियादी ढांचे के विकास, वित्तीय नियमों और डिजिटल भुगतान कनेक्टिविटी जैसे एडवांस सेक्टर्स में भी आपसी सहयोग को और मजबूत करेंगे। इजरायल के वित्त मंत्री ने भी भरोसा जताया है कि तमाम सुरक्षा चुनौतियों के बाद भी दोनों देशों का मजबूत आर्थिक विकास ही इन्हें एक-दूसरे के और करीब लाता है।